कोरोना पॉजिटिव आशा वर्कर घर घर करती रही टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग बना रहा बेपरवाह

सत्तार अली

भगवानपुर (महानाद) : जहां  देश मे बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुये शासन प्रशासन दूसरों को जागरुक करने में कोई कसर नही छोड़ रहा है। वही दूसरे लोगो को जागरूक करने वाला स्वास्थ्य विभाग इतनी बड़ी लापरवाही को लेकर खुद सवालों के घेरे में है।

मामला रुड़की के भगवानपुर के गाँव खेलपुर का है। यहाँ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खेलपुर गांव में एक आशा कार्यकर्ती कोरोना पॉजिटिव मिली है। चिंता की बात ये है कि संक्रमति आशा कार्यकर्ती गांव में घूम-घूम कर बच्चों का टीकाकरण करती मिली, जिससे गाँव के लोगो पर संक्रमण कोरोना का खतरा मंडरा रहा है।

विभाग ने जब आशा की ट्रैवल हिस्ट्री निकाली तो पता चला कि वह गांव में सैंपल लेने गई हुई थी। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाया कि जब आशा वर्कर का करोना सैंपल ले लिया गया था तो फिर उसको ऑन ड्यूटी क्यों रखा गया।

बताया जा रहा है कि आशा वर्कर का कोरोना सैंपल 12 जुलाई 2020 को लिया गया था। जिसकी रिपोर्ट 25 जुलाई को पॉजिटिव आई थी। जिसको को लेकर ग्रामीणों आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों को देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भगवानपुर पुलिस को इसकी सूचना देकर गाँव मे बुला लिया और पुलिस की देख रेख में स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों के सैंपल ले लिए। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा वर्कर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।

वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यकारी डॉक्टर विक्रांत सिरोही का कहना है कि उन्होंने आशा वर्कर का सैंपल जांच के लिए भेजा था। मामले की अभी जांच पड़ताल चल रही है। फिलहाल गांव के बच्चे व बुजुर्गों के सैंपल ले लिये गये हैं जो जाँच के लिये भेजे जा रहे है।

सवाल उठता है कि स्वास्थ्य विभाग की ऐसी लापरवाही का खामियाजा क्या जनता को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि जहाँ सरकार और यहाँ तक भी की खुद स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना काल मे अपनी जान की परवाह करते हुए कोरोना संक्रमित लोगो का इलाज कर रहे है। लेकिन विभाग के कुछ गैर जिम्मेदाराना कर्मचारियों की वजह से लोगो की जान खतरे में आ गई है।

अब इस मामले में स्थानीय समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी लापरवाही को छुपाने की कोशिश में लगा है।

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