हसीन चेहरों को हर कोई देखना चाहता है : परवीन

प्रदीप फुटेला

महानाद डेस्क : शहर के हर कोने में लगने वाली होर्डिग्स में चमकते, मुसकराते, अदाओं से लबरेज, बरबस अपनी ओर निगाह मोड़ने को मजबूर करते हसीन चेहरों को हर कोई देखता है और चाहता है कि उसके पास भी वह चमक हो। यकीनन उनकी तरह बनने का सपना बहुत से युवा देखते हैं और कोशिश करते हैं कि इन विज्ञापनों का उजाला उनसे होकर गुजरे। मॉडल बनना न तो कोई अजूबा है और न ही किसी खास का विशेषाधिकार। दुनिया है तो सपने हैं और इन सपनों को सच करने के लिए मॉडलिंग से बेहतर क्या हो सकता है।

करियर के तौर पर मॉडलिंग का इस कदर चलन बढ़ा है कि महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक सपनों की सुनहरी रेखा देखी जा सकती है। क्या पटना क्या दिल्ली क्या लखनऊ, क्या मुंबई , हर शहर के नौजवान मॉडल बनना चाहते हैं। सब मॉडलिंग की दुनिया में सुष्मिता, ऐश्वर्या, प्रियंका, कंगना, जॉन अब्राहम, मिलिंद सोमन की तरह नाम कमाना चाहते हैं और मॉडलिंग के बहाने फिल्मों की दुनिया में भी अपनी जगह बनाना चाहते हैं।मॉडलिंग बॉलीवुड में करियर आजमाने वालों के लिए एक लॉन्चिंग पैड बन गया है। वैसे तो इसमें महिला मॉडल्स का वर्चस्व है, फिर भी महिला मॉडलों के वर्चस्व को हाल ही के वर्षो में पुरुष मॉडलों ने जबरदस्त चुनौती दी है। मॉडलों की सबसे ज्यादा दरकार गारमेंट तथा ब्यूटी प्रोडक्ट उद्योगों में होती है, लेकिन टीवी मॉडलिंग, कमर्शियल मॉडलिंग, रैंप मॉडलिंग, ग्लैमर मॉडलिंग में खासी डिमांड है।

दिल्ली की परवीन खान ने मॉडलिंग भी की, उनका कहना है कि यदि आपमें एक मॉडल बनने की बुनियादी खूबियां हैं तो उसे निखारा जा सकता है। ग्रूम्ड मॉडल्स के लिए कई सेक्टर्स में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिनमें कैलेंडर, कैटलॉग, कमर्शियल कंवेंशंस, ट्रेड शोज, कॉरपोरेट, एडिटोरियल, फैशन, फाइन आर्ट, फिटनेस, ग्लैमर, हेयर मॉडल्स, इंडस्ट्रियल, लाइफस्टाइल, लॉन्जरी, प्रिंट, शू मॉडल्स, स्पोक्स मॉडल्स, स्टॉक फोटोग्राफी, स्विमसूट, स्पोर्ट्स, म्यूजिक वीडियो, प्रोडक्ट प्रोमोशन आदि प्रमुख हैं।मॉडलों के लिए एक दमदार मार्केट उपलब्ध है।

ये मॉडल अनेक तरह के उत्पादों को पहन कर या खुद को किसी प्रोडक्ट से जोड़ कर लोगों के सामने खुद को प्रदर्शित करते हैं। अमूमन कंपनियां इन मॉडलों के जरिए ही अपना उत्पाद बाजारों में परोसती हैं। उन्हें लगता है, जो मॉडल जितना अट्रैक्टिव और बड़ा होगा, उसका उत्पाद भी उतना ही बिकेगा। बड़ी कंपनियां नामी-गिरामी मॉडलों या बड़े स्टार्स को ही ज्यादा तवज्जो देती हैं।

परवीन खान ने बताया कि मंजिले उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों में उड़ान होती है उनका कहना है कि मैंने भी एक ऐसा सपना देखा था जब मैंने कॉलेज के एक फैशन शो में भाग लिया मैंने मिस फोटोजेनिक का खिताब जीता मेरे परिवार ने इस कैरियर में आगे जाने के लिए हालांकि प्रोत्साहित नहीं किया लेकिन मेरे मन में एक जुनून था शादी के बाद मेरे पति ने मुझे मिसेज इंडिया होममेकर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया ।

5 दिन तक घर परिवार से अलग रहने का मौका मिला यह एक तरीके की अलग दुनिया थी सजने संवरने का मौका मिला जिसमें मैं मिसेज इंडिया रनर अप रही इसके बाद मेरी दुनिया ही बदल गई एक-एक करके कई अवार्ड अपने नाम किए। बेस्ट स्माइल, मिसेज ऑनेस्टी, मिसेज सुपरमॉडल, मिसेज पॉपुलर समेत ज्यूरी गेस्ट, चीफ गेस्ट, गेस्ट ऑफ ऑनर ,स्पेशल गेस्ट, डायरेक्टर ऑफ शो में भी भाग लिया एक गाने को मुख्य लीड किया साथ ही ओढनी ग्रुप के साथ एक कैलेंडर शूट भी किया है। परवीन खान कुमाऊँ केसरी व एफएसआईए की ब्रांड एम्बेसडर भी है।

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