साहित्य सिंधु की काव्य गोष्ठी में मुंबई से दिल्ली तक मच गया हाहाकार

पराग अग्रवाल

जसपुर (महानाद) : साहित्य सिंधु संस्था के तत्वावधान में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवि और शायरों ने समा बांध दिया। लोगों ने जमकर वाहावाही की। इस मौके पर वार्षिक पत्रिका मानसी का किन्ही कारणों से विमोचन नहीं हो सका।

बीती रात को हिंदी दिवस पर आर्य समाज मंदिर में आयोजित काव्य गोष्ठी में संस्था अध्यक्ष राजकुमार ‘राज’ ने वर्तमान राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि
*”एक नारी ने हिला के रख दी सरकार,*
*मुंबई से दिल्ली तक मच गया हाहाकार* ।
*मच गया हाहाकार पड़ रही सब पर भारी,*
*सकते में हैं सब ड्रग माफिया भ्रष्टाचारी।*

अबरार अली ने कहा,
*वो हमे इस तरह भुला बैठे,*
*जैसे धोखा कहीं वो खा बैठे,*
*आंधियॉ अब के कहॉ आई है,*
*कैसे अपना दिया बुझा बैठे।*

कवियित्री डा. ऋचा पाठक ने कहा,
*बहुत प्यार में जब होते है,*
*सारे दुख बौने होते है।*
शायर अहमद हसन शैदा ने कहा कि
*बाद मुददत के मिले भी तो किस तरह,*
*वो भी किसी के साथ थे हम भी किसी के साथ।*

कवि विवेक वर्मा ने कुछ यूं कहा कि
*सभी तरफ अंग्रेजियत, ढूंढू हिन्दुस्तान।*
*देखो ‘मानस’ भूल‌ रहे, ये पुरखों का मान।।*
*बने अंग्रेजी तोते,खा रही हिंदी गोते*

कार्यक्रम में आशा चौहान, मिथलेश देवी, रेखा राजपूत, निखिलेश पाठक, विजय गुप्ता, विवेक मानस, संजय राजपूत, प्रदीप कुमार, जितेंद्र कुमार, विनोद कुमार, राजेश पुष्प आदि ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवियों ने कोविड-19 पर भी हास्य व्यंग पेश किए ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्णा सिंह व संचालन संजू सिंह ने किया।

यहॉ पूजा ठाकुर, गीता रानी,बाबू सिंह, आदित्य गहलोत, सर्वेश चौहान, गजेंद्र चौहान आदि उपस्थित रहे।

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