स्मिता पाटिल (जन्मदिन विशेष) : अभिनय के दम पर हासिल किया बड़ा मुकाम

स्मिता पाटिल (जन्मदिन विशेष) : अभिनय के दम पर हासिल किया बड़ा मुकाम

शरद मांजरेकर
मुंबई (महानाद) : भारतीय सिनेमा के इतिहास में लगभग एक दशक के करियर के दौरान अगर किसी अभिनेत्री ने अपने अभिनय के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया है तो वह हैं स्मिता पाटिल। स्मिता पाटिल उस समय बाॅलीवुड में आईं जब लुक्स पर काफी ध्यान दिया जाता था। सांवला रंग, छोटा कद लेकिन आंखों में एक अजब सी गहराई तथा चेहरे पर एक गजब से ठहराव वाली स्मिता ने अपने करियर में जो भी रोल किए उनके साथ पूरा इंसाफ किया।

स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर, 1955 को पुणे में हुआ था। उनका परिवार राजनीति से जुड़ा हुआ था। उनके पिता एक राजनीतिज्ञ थे और माता एक समाज सेविका थीं। स्मिता फिल्मों में आने से पहले दूरदर्शन पर न्यूजरीडर थीं। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में ट्राई किया। वे एफआईआईटी पास आउट थीं। स्मिता पाटिल की पहली फिल्म1974 में आई थी। यह एक ब्लैक एंड वहाइट फिल्म थी और इसका नाम था मेरे साथ चल।

पहली फिल्म से ही स्मिता के करियर की गाड़ी चल पड़ी।अपनी प्रतिभा के कारण उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे लगातार फिल्में करती गईं। चाहें पैरेलल सिनेमा हो या फिर मेनस्ट्रीम। स्मिता पाटिल ने अपने करियर के दौरान हर तरह के रोल प्ले किए। उन्हें सभी रोल्स में पसंद किया गया। इसमें निशांत, द नेक्सेलाइट्स, एलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है, चक्र, नमक हलाल, मंथन, भूमिका, बाजार, शक्ति, अर्थ, अर्ध सत्या, मंडी, मिर्च मसाला और वारिस, शराबी, अनोखा रिश्ता जैसी फिल्में शामिल हैं जिनमें इनके रोल को खूब सराहा गया।

बता दें कि 13 दिसंबर, 1986 को बचपन से जुड़ी किसी बीमारी के कारण मात्र 31 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। स्मिता के निधन ने सभी को चकित कर दिया था। उनके निधन के बाद उनकी लगभगएक दर्जन फिल्में रिलीज हुईं। इतने छोटे से करियर में ही उन्हें 3 नेशनल अवाॅर्ड, 2 फिल्मफेयर अवाॅर्ड मिले। भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री अवाॅर्ड भी दिया गया था।

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