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Saturday, February 21, 2026
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कांग्रेसियों ने ‘जन आक्रोश रैली’ नहीं, ‘विधायकी बचाओ रैली’ निकाली

पराग अग्रवाल
जसपुर (महानाद) : पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस विधायक पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा निकाली गई यह ‘जन आक्रोश रैली’ नहीं बल्कि कांग्रेस विधायक ने अपनी ‘विधायकी बचाओ रैली’ निकाली है। क्योंकि जिस वर्ग पर वह अपना प्रभाव रखते है उस वर्ग का प्रतिनिधित्व रैली में ‘ना’ के बराबर दिखा, जिससे यह साबित हो गया कि रैली पूरी तरह फ्लॉप रही ।

अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उक्त विचार व्यक्त करते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने जसपुर कांग्रेस विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक को डैम क्षेत्र से इतना लगाव है तो अपनी विधायक निधि से पैसा खर्च कर वहां का विकास करें। जबकि उन्होंने खुद विधायक न होने पर भी डैम में मंडी समिति एवं अन्य स्रोतों से सड़कें आदि के विकास कार्य करवाए हैं।

उन्होंने कहा कि जब वह विधायक थे तो 17 नवंबर 2014 को स्टेडियम की घोषणा कराकर एक करोड़ रुपए की धनराशि मंजूर कराई और चार दीवारी निर्माण कराया गया। दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि 2017 में आदेश चौहान विधायक बन गए। जब स्टेडियम निरस्त हुआ तब उन्होंने जनता को साथ लेकर इसका विरोध क्यों नहीं किया। आज वह मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं जबकि वे इस विधानसभा क्षेत्र के 9 वर्ष से विधायक हैं। वह संघर्ष नहीं करना चाहते और सरकार आने पर स्टेडियम निर्माण करने की बात कर रहे हैं, अगर स्टेडियम बनाना ही है तो संघर्ष करें, सरकार अगर 5-10 साल नहीं आई तो फिर विधायक क्या करेंगे। विधायक यह बात कह कर क्षेत्र की जनता को गुमराह कर रहे हैं।

रोडवेज बस अड्डे की स्थापना को लेकर पूर्व विधायक ने कहा कि जब वह विधायक थे, उस समय उन्होंने रोडवेज बस अड्डे की स्थापना को लेकर सरकार से मांग रखी। जिसमें तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रोडवेज बस अड्डे की स्थापना के लिए भूमि का चयन किया और 3 अक्टूबर 2014 को उप सचिव ओंकार सिंह ने नगर पालिका जसपुर की सीमा अंतर्गत खसरा नंबर 101/1 रकवा 0.057 हेक्टर भूमि तथा खसरा संख्या 101/2 रकवा 0.121 हेक्टेयर भूमि को प्रचलित सर्किल रेट पर आंकलित भूमि मूल्य का भुगतान उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा नगर पालिका को करने के उपरांत उक्त भूमि को नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 124 के प्रावधानों के अंतर्गत परिवहन निगम को हस्तांतरित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की थी। लेकिन जसपुर विधायक ने अपने चहेतों से रोडवेज बस अड्डा रुकवाने के लिए कोर्ट से स्टे करा दिया और उनको लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आज तक स्टे को खारिज नहीं करा सके, जबकि वह नगर पालिका बोर्ड की बैठक में जाते हैं। वह नहीं चाहते की जसपुर में स्टेडियम और रोडवेज बस अड्डा बने।

डॉ. सिंघल ने कहा कि वह बार-बार सरकार बनने की रागिनी रटते हैं। विपक्ष में भी रहकर बहुत कार्य करवाए जा सकते हैं। वह संघर्ष नहीं करना चाहते। फ्री में ही जनता की वाहवाही लूटना चाहते हैं, इसका जीता जागता सबूत यह है कि उन्होंने क्षेत्र की जन समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बावजूद भी वह भीड़ नहीं जुटा पाए। पूर्व विधायक ने जसपुर विधायक को चुनौती दी है कि अगर वह क्षेत्र की जनता के हितैषी हैं तो अपने-अपने समर्थकों के साथ खुले मंच पर जब चाहे उनसे वार्ता कर सकते हैं, इसके लिए वह उन्हें आमंत्रित करते हैं।

इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश कुमार, सनी पधान, तरुण गहलौत, विशाल कुमार, रवि मणि, सिद्धार्थ मोहन सिंघल, वीर विश्नोई, पीयूष जोशी, अंकुर सक्सेना, अनिल नागर आदि मौजूद रहे।

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