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Wednesday, April 15, 2026
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काशीपुर : वक्फ की फर्जी कमेटी बनाकर मांगा चार्ज, 2 युवकों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर अवैध रूप से काजीबाग मस्जिद वक्फ संख्या 14 काशीपुर की 7 सदस्यीय कमेटी के गठन तथा उसके आधार पर मस्जिद प्रबंधन से चार्ज मांगने के गंभीर मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 2 व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांज शुरु कर दी है।

आपको बता दें कि मौहल्ला काजीबाग, काशीपुर स्थित मस्जिद में दिनांक 16 मई 2025 को जुमे की नमाज के दौरान सार्वजनिक रूप से पूर्व प्रबंध समिति से चार्ज मांगे जाने की घोषणा की गई। यह घोषणा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के कथित हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र के आधार पर की गई, जिसमें 7 सदस्यीय नई कमेटी के गठन का उल्लेख था। चार्ज न सौंपे जाने की स्थिति में तत्कालीन सचिव अली अनवर एडवोकेट को चार्ज सौंपने हेतु नोटिस भी जारी किया गया।

नोटिस प्राप्त होने के उपरांत सचिव अली अनवर एडवोकेट द्वारा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क कर उक्त पत्र की सत्यता की जांच कराई गई तथा संपूर्ण प्रकरण से बोर्ड को विधिवत अवगत कराया गया। जांच के क्रम में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा दिनांक 29 मई 2025 को अपने हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने की पुष्टि की गई तथा इस संबंध में एसएसपी उधम सिंह नगर को जांच हेतु पत्र प्रेषित किया गया।

पुलिस जांच में कमेटी गठन से संबंधित पत्र पूर्णतः फर्जी पाया गया। इसके पश्चात मौहम्मद कासिम पुत्र शरीफ अहमद (अध्यक्ष) एवं फईम अहमद पुत्र भोलू (सचिव), निवासी काजीबाग, काशीपुर के विरुद्ध जांच के आदेश दिए गए। यह जांच एसपी को सौंपी गई, जिसमें तीन चरणों में की गई विस्तृत जांच के दौरान मस्जिद काजीबाग वक्फ संख्या 14 में किया गया एलान एवं जारी किया गया पत्र दोनों ही फर्जी पाए गए।

उक्त मामला कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने पर प्रबंध समिति की ओर से विद्वान अधिवक्ता मनीष कुमार भटनागर द्वारा प्रस्तुत तर्कों से संतुष्ट होकर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश पारित किए। आदेश के अनुपालन में कोतवाली काशीपुर में फईम अहमद एवं मौहम्मद कासिम के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318 (4) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

प्रबंध समिति के सचिव अली अनवर एडवोकेट ने बताया कि वर्ष 2019 में भी इसी क्षेत्र के एक व्यापारी द्वारा कमेटी के एक सदस्य का फर्जी इस्तीफा तैयार कर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड को प्रेषित किया गया था, जो जांच में पूर्णतः फर्जी पाया गया। उक्त प्रकरण में वकफ बोर्ड द्वारा संबंधित व्यापारी सहित कुल 63 व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के आदेश निर्गत किए गए थे। अली अनवर एडवोकेट ने यह भी आरोप लगाया कि इसी व्यापारी द्वारा काजीबाग स्थित इस्लामिया स्कूल में अप्रैल 2025 के दौरान कथित रूप से फर्जी चुनाव दर्शाकर एक सोसाइटी के पंजीकरण हेतु पत्रावली तैयार की गई, जिसकी जांच वर्तमान में एसडीएम कार्यालय में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि ये सभी व्यक्ति मस्जिद की वक्फ संपत्ति के किरायेदार अथवा उनके सहयोगी हैं, जिनकी गतिविधियों के कारण वक्फ संपत्तियों के समुचित संरक्षण एवं विकास में निरंतर बाधा उत्पन्न हो रही है।

अली अनवर एडवोकेट ने यह भी कहा कि यदि प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं गहन जांच की जाती है, तो एक सफेदपोश व्यक्ति, एक व्यापारी तथा एक प्रोपर्टी डीलर की संलिप्तता से संबंधित तथ्य भी प्रकाश में आ सकते हैं, जिनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने की संभावना है।

कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मौ. कासिम वमौ. फहीम के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कटोराताल चौकी प्रभारी कौशल सिंह भाकुनी के हवाले की गई है।

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