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Monday, October 12, 2026
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टुकटुक में जलकर मरी सरस्वती की मौत के मामले में 2 गिरफ्तार

सितारगंज (महानाद) : एसएसपी अजय गणपति के सख्त निर्देशन में महिला आत्महत्या प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने एवं आवश्यक साधन उपलब्ध कराने वाले 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

आपको बता दें कि दिनांक 15-08-2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक में आग लगने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तो टुकटुक में पवित्र सरकार एवं सरस्वती के झुलसने की जानकारी मिली। जांच के दौरान सामने आया कि सरस्वती द्वारा टुकटुक के अंदर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली गई थी, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को उपचार हेतु उपजिला चिकित्सालय सितारगंज ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।

सरस्वती लगभग 80-90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। गंभीर स्थिति के चलते उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दिनांक 19-08-2026 को उसकी मृत्यु हो गई। पवित्र सरकार लगभग 18-20 प्रतिशत झुलसा था, जिसका उपचार साई अस्पताल, हल्द्वानी में कराया गया।

घटना के संबंध में मृतका के पिता दयाल चंद्र मंडल द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर धारा 118(1), 118(2), 351(3) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की गई।

महिला के साथ हुई गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय गणपति द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए गए। उक्त निर्देशों के क्रम में एसपी सिटी एवं सीओ सितारगंज के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सितारगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं तकनीकी तथ्यों के आधार पर गहन विवेचना की गई।

जांच में पता चला कि पवित्र सरकार उर्फ कन्हई पूर्व से सरस्वती के संपर्क में था। दोनों के मध्य करीब 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध थे। सरस्वती अपने पति से पारिवारिक विवाद के कारण अपनी दो बेटियों के साथ मायके में अलग रह रही थी। पवित्र सरकार की पत्नी एवं परिजनों को दोनों के संबंध की जानकारी होने के बाद परिवार में विरोध शुरू हो गया। पवित्र सरकार अपनी पत्नी पर सरस्वती से संपर्क बनाए रखने के लिए दबाव डालता था तथा कहता था कि वह सरस्वती के बिना नहीं रह सकता और मर जाने, फांसी लगाने अथवा जहर खाने जैसी बातें करता था।

दूसरी ओर सरस्वती ने अपनी माता को बताया था कि पवित्र सरकार उसे परेशान करता है, उससे शादी करने तथा मकान बेचकर कहीं दूसरी जगह साथ रहने की बात करता है और वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती है। परिजनों के विरोध के बाद पवित्र सरकार ने सरस्वती से बातचीत कम कर दी तथा अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन तक बातचीत न होने से सरस्वती मानसिक रूप से परेशान हो गई।

दिनांक 15-08-2026 को वह सितारगंज पहुंची और पवित्र सरकार के टुकटुक में बैठी, जहां उसके द्वारा स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली गई। सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के समग्र परीक्षण से सरस्वती द्वारा स्वयं आग लगाकर आत्महत्या किए जाने तथा उससे पूर्व पवित्र सरकार द्वारा उस पर लगातार मानसिक दबाव, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव तथा आत्महत्या की धमकियां दिए जाने के तथ्य सामने आए।

इन तथ्यों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की कड़ी के रूप में पाए जाने पर धारा 118(1), 118(2) बीएनएस को धारा 108 बीएनएस में तरमीम किया गया तथा पवित्र सरकार उर्फ कन्हई को दिनांक 14-09-2026 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जिला कारागार हल्द्वानी भेजा गया।

जांच के दौरान जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका भी प्रकाश में आई।

जितेन्द्र पूर्व से सरस्वती को जानता था तथा दोनों ने एक कंपनी में साथ कार्य किया था। पूछताछ में जितेन्द्र ने बताया कि वह सरस्वती को पसंद करता था तथा उससे विवाह करना चाहता था, जबकि सरस्वती उसे अपना दोस्त मानती थी और पवित्र सरकार से प्रेम करती थी। उसने बताया कि वह चाहता था कि किसी भी प्रकार सरस्वती और पवित्र सरकार अलग हो जाएं।

11-12 अगस्त के आसपास सरस्वती ने जितेन्द्र से पेट्रोल की व्यवस्था करने को कहा था। दिनांक 15-08-2026 को दोनों के मध्य लगातार फोन पर बातचीत हुई। इसी दौरान सरस्वती द्वारा पेट्रोल की व्यवस्था करने को कहा गया, जिस पर जितेन्द्र ने पेट्रोल उपलब्ध कराने की सहमति दी। जांच के दौरान मृतका सरस्वती के मोबाइल फोन में घटना वाले दिन की अभियुक्त जितेन्द्र के साथ 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुईं।

इन रिकॉर्डिंग में पेट्रोल की व्यवस्था करने, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर साथ रखने तथा तत्काल मिलने संबंधी बातचीत होना पाया गया। इसके अतिरिक्त सीडीआर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक/तकनीकी साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया गया और पेट्रोल उपलब्ध कराने से लेकर टुकटुक तक पहुंचाने की पूरी कड़ी सामने आई।
जितेन्द्र ने बताया कि दिनांक 15-08-2026 को वह अपनी स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल से सरस्वती को बैठाकर सितारगंज लाया। सितारगंज में उसने दुकान से हरे रंग की 20 रुपये वाली ड्यू कोल्ड ड्रिंक की बोतल ली। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद मोटर साइकिल के नीचे से पाइप खोलकर उक्त बोतल में पेट्रोल भरा तथा पेट्रोल सरस्वती को दे दिया। इसके बाद सरस्वती द्वारा पवित्र सरकार के टुकटुक को देखकर उसका पीछा करने के लिए कहा गया। जितेन्द्र उसके पीछे गया तथा गोल चौराहे से आगे पवित्र के टुकटुक के सामने मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोक दिया।

सरस्वती पेट्रोल की बोतल एवं लाइटर लेकर पवित्र के टुकटुक में बैठ गई, जिसके बाद जितेन्द्र वहां से चला गया। बाद में उसे जानकारी हुई कि सरस्वती ने उसी पेट्रोल से टुकटुक में आग लगा ली, जिससे दोनों झुलस गए तथा उपचार के दौरान सरस्वती की मृत्यु हो गई।

जांच में उपलब्ध मृतका के मोबाइल में सुरक्षित 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग, सीडीआर, सीसीटीवी, जितेन्द्र के बयानों एवं अन्य साक्ष्यों के समग्र परीक्षण से जितेन्द्र द्वारा सरस्वती को आत्महत्या हेतु आवश्यक साधन उपलब्ध कराने, घटना की परिस्थितियों से अवगत रहते हुए सहायता प्रदान करने तथा घटना से ठीक पूर्व उसके साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने के तथ्य सामने आए।

अभियुक्त द्वारा पेट्रोल की व्यवस्था कर उसे सरस्वती को उपलब्ध कराया गया तथा उसे पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार के विरुद्ध धारा 108 बीएनएस का अपराध प्रथम दृष्टया पाया गया।

जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार को दिनांक 15-09-2026 को हिरासत में लिया गया तथा घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल को कब्जे में लिया गया। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही के उपरांत उसे कोर्ट में पेश कर दिनांक 16-09-2026 को जिला कारागार हल्द्वानी भेजा गया।

मामले में अब तक की जांच में दोनों अभियुक्तों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। पवित्र सरकार की भूमिका मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव बनाने तथा आत्महत्या की धमकियां देने से संबंधित पाई गई, जबकि जितेन्द्र द्वारा घटना से पूर्व पेट्रोल उपलब्ध कराने एवं मृतका को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाने की भूमिका प्रकाश में आई। जांच में सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उनके-अपने कृत्य के अनुसार वैधानिक कार्यवाही की गई है।

गिरफ्तार अभियुक्त –
1. पवित्र सरकार उर्फ कन्हई (38 वर्ष) पुत्र नारायण सरकार, निवासी शक्तिफार्म नं.-1, बैकुंठपुर, सितारगंज।
2. जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार (27 वर्ष) पुत्र स्व. रबिंद्र सरकार, निवासी गोकुल नगरी, तहसील/ब्लॉक क्षेत्र बिलासपुर, जनपद रामपुर, उत्तर प्रदेश।

पुलिस टीम में कोतवाल सुंदरम शर्मा, एसएसआई जावेद मलिक, हे.कां. मतलूब खान, जगदीश सिंह कोठियाल, कां. कृष्ण चन्द्र तथा प्रेम कनवाल शामिल थे।

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