हरिद्वार (महानाद) : हरिद्वार पुलिस ने कहा है कि उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी का उसके नार्को टैस्ट से कोई लेना-देना नहीं है। एजेंसी कोर्ट से अनुमति लेकर कभी भी उसका नार्को टेस्ट करवा सकती है।
हरिद्वार पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को जनपद हरिद्वार पुलिस द्वारा कोतवाली रानीपुर पर पंजीकृत मुकदमा धारा 308 (5) (7), 79,356 (3), 356 (2) बीएनएस, 4/10 स्त्री अशिष्ट रूपण अधिनियम 1986 में अभियुक्ता उर्मिला सनावर को जनपद सहारनपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर जिला एवं सत्र न्यायालय हरिद्वार के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय द्वारा उर्मिला सनावर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि कतिपय सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उर्मिला सनावर के नार्काे टेस्ट से बचाने के लिये पुलिस द्वारा पहले ही उर्मिला सनावर गिरफ्तारी के सम्बन्ध में भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही है। जबकि उक्त प्रकरण का इस प्रकरण से किसी प्रकार का सम्बन्ध नहीं है।
मृतका अंकिता भंडारी के प्रकरण के संबंध में प्रचलित सीबीआई जांच में सम्बन्धित जांच एजेन्सी उर्मिला सनावर के नार्काे टेस्ट की कार्यवाही न्यायालय से विधिवत अनुमति लेकर कभी भी कराने में स्वतंत्र है।



