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Friday, April 3, 2026
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हटाई जायेंगी गर्भवती को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाने वाली आशायें, आउटसोर्स से भरे जायेंगे डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पद

रुद्रपुर (महानाद) : जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त की अध्यक्षता में शनिवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम की बैठक सम्पन्न हुई।

जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त ने निर्देशित करते हुए कहा कि एनएचएम के अन्तर्गत जनपद में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के जितने भी पद हैं, उन्हें आउटसोर्स के माध्यम से भरना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने जसपुर तथा सितारगंज में एएनसी कम होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए एएनसी बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने सीएचसी बाजपुर में ब्लड स्टोरेज सिस्टम सुचारू न होने पर चिकित्साधीक्षक बाजपुर का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि भविष्य में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन पूर्ण विवरण एवं व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सीएचसी किच्छा में प्रसव के लिए ऑन कॉल डॉक्टर की व्यवस्था रखने के निर्देश चिकित्साधीक्षक को दिये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रसव से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शिकायत आने पर सम्बन्धित के खिलाफ नियमानुसार सख्ती से कार्यवाही अमल लाई जायेगी। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेन्सी) ट्रेकिंग न करने पर सभी एमओआईसी को कड़ी फटकार लगाते हुए शत प्रतिशत ट्रेकिंग करने व सम्पूर्ण जानकारी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि गर्भवती महिलाएं किसी अन्य मरीजों के सम्पर्क में न आए, इसलिए उनके लिए विशेष व्यवस्थाऐं करने के निर्देश एसीएमओं को दिये। उन्होंने गाइनो को अल्ट्रासाउण्ड का प्रशिक्षण देने हेतु प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश सभी एमओआईसी को दिये।

उन्होंने कहा कि जिन डॉक्टरों व कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त हो चुके हैं, वे शीघ्र अपने मूल स्थान पर योगदान आख्या दें, मूूल स्थान पर योगदान न देने वाले चिकित्सकों एवं कार्मिकों का वेतन रोक दिया जाये। उन्होंने जनपद के सभी 12 सब सेंटरों को पूर्ण क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिये।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी सब सेंटरों पर प्रसव की व्यवस्था करानी सुनिश्चित करें अन्यथा सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्राईवेट अस्पतालों में गर्भवती महिलओं को ले जाने वाली आशाओं को चिन्हित करते हुए तत्काल हटाया जाये। उन्होंने शत प्रतिशत डिलीवरी सरकारी चिकित्सालयों में कराने के निर्देश एमओआईसी को दिये।

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