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Sunday, May 17, 2026
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ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए किया जाये मनरेगा का भरपूर उपयोग: उदयराज सिंह

विकास अग्रवाल
रुद्रपुर (महानाद) : ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं रोजगार सृजन में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना (मनरेगा) अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह बात जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने जिला कार्यालय सभागार में मनरेगा के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कही।

जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश व्यक्ति ऐसे हैं जोकि गांव नहीं छोड़ना चाहते हैं, ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे तो कोई भी व्यक्ति गांव नहीं छोड़ना चाहेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा का भरपूर उपयोग किया जा सकता है और यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत अधिक मुफीद है। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं रोजगार सृजन हेतु 8 रेखीय विभागों- ग्राम्य विकास, स्वजल, पशुपालन, कृषि, मत्स्य, लघु सिंचाई, पंचायतीराज तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों को मनरेगा से डबटेलिंग करते हुए योजनाएं बनाने के निर्देश दिये।

डीएम ने मनरेगा के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो-दो खेल मैदान विकसित करने के निर्देश सभी खण्ड विकास अधिकारियों को दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि स्वजल के अन्तर्गत बनने वाले शौचालय निर्माण कार्य को भी मनरेगा से डबटेलिंग किया जाये।

डीएम ने प्रत्येक विकास खण्ड में मुनादी कराते हुए मनरेगा जॉब कार्ड बनवाने तथा जॉब कार्ड्स का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश सभी खण्ड विकास अधिकारियों को दिये। डीएम ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिये कि किसी भी स्तर पर फाइलें अनावश्यक रूप से लम्बित न रहें। डीएम ने कहा कि खण्ड विकास अधिकारियों के कार्यों की गहनता से मॉनीटरिंग की जायेगी। उन्होंने रेखीय विभागों को मनरेगा के अन्तर्गत प्रोजेक्ट तैयार कर के खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय में सबमिट करने तथा खण्ड विकास अधिकारियों को प्राप्त प्रोजेक्ट के सापेक्ष स्वीकृत तथा लम्बित प्रोजेक्ट की अद्यतन स्थिति की सम्पूर्ण जानकारी रखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जनपद में आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश सम्बन्धित क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों के लिए दिये।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि योजना का उद्देश्य पंजीकृत ग्रामीण परिवारों को जिनके वयस्क सदस्य अकुशल कार्य करने के इच्छुक हों, उन्हें एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारन्टी देती है और निर्धनों के आजीविका संसाधनों के आधार को सुदृढ़ करना और सामाजिक समावेशन को सक्रियता से सुनिश्चित करना है। बैठक में जिला विकास अधिकारी ने मनरेगा के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों, सृजित रोजगार दिवस, मनरेगा बजट आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में जिला विकास अधिकारी तारा ह्यांकी, सहायक निदेश मत्स्य संजय छिम्वाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह, सहित खण्ड विकास अधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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