चेन्नई (महानाद) : लोगों की गाढ़ी कमाई को ठगने के लिए साइबर ठग रोज नई-नई साजिशें रच रहे हैं। अब ठग लोगों को फोन कर उनका सिम बंद होने का डर दिखाकर ठगने में लगे हैं। इस तरह की कॉल में जैसे ही आप अपना फोन उठाते हैं तो कंप्यूटर की आवाज आती है कि आपका सिम बंद होने वाला है। बंद होने से बचाने के लिए 9 दबाइये। और लोगों को सच में लगने लगता है कि उनका सिम बंद होने वाला है। फिर शुरु हो जाता है इगी का सिलसिला।
ऐसे ही एक मामले का चेननई पुलिस ने पर्दाफाश कर एक बड़े गैंग को गिरफ्तार किया है। सिम बंद होने के नाम पर इन ठगों ने एक रिटायर्ड इंजीनियर को लगभग पांच करोड़ का चूना लगा दिया। ठगों ने इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर वेरीफिकेशन के नाम पर पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिये।
बता दें कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक रिटायर्ड इंजीनियर को साइबरों ठगों ने 4 करोड़ 67 लाख रुपये का चूना लगा दिया। शिकायत के बाद सिटी कमिश्नर अरुण के नेतृत्व में बनाई गई विशेष टीम ने साइबर ठगों के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
अभिरामपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्हें एक आईवीआर (कंप्यूटर वाली) कॉल आई जिसमें कहा गया कि उनका फोन 2 घंटे में बंद हो जायेगा। अधिक जानकारी के लिए 9 दबायें। सिम बंद होने के डर से घबराए रिटायर्ड इंजीनियर ने 9 नंबर दबा दिया, क्योंकि उसका फोन नंबर आधार, बैंक लेनदेन, एलपीजी कनेक्शन और बीमे से जुड़ा हुआ था। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि उनके फोन नंबर और आधार नंबर का उपयोग करके कई बैंक खाते खोले गए हैं और हवाला के जरिए लेनदेन हुआ है। पुलिस ने उनके नाम पर मुंबई और दिल्ली साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
इसके बाद उनकी कॉल ट्रांसफर कर दी गई। दूसरे ठग ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए उनसे बात की और कहा कि उनके नाम पर एक पार्सल है, जिसमें अवैध ड्रग्स, नकली पासपोर्ट, 257 एटीएम कार्ड व टाइगर की खाल है। सभी में उसका फोन नंबर और नाम जुड़ा हुआ है। इसके बाद ठगों ने कहा कि यदि वह 2 घंटे के भीतर पूछताछ के लिए मुंबई साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन नहीं पहुंचा तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब उन्होंने पूछा कि मामले से मुक्त होने के लिए उसे क्या करना पड़ेगा तो ठगों ने दावा किया कि उसे एक वीडियो कॉल के माध्यम से सहयोग करना होगा।
इसके बाद ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और जांच के बहाने बैंक खाते के विवरण मांगे कि उन्हें अवैध लेनदेन के लिए सत्यापित किया जा जाएगा। उन्हें अपनी बचत को एक खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा और भरोसा दिया कि पैसा 30 मिनट में वापस कर दिया जाएगा। लेनदेन के बाद जब पैसा वापस नहीं आया तो इंजीनियर को ठगे जाने का एहसास हुआ।
इंजीनियर की शिकायत के बाद ने साइबर थाने की विशेष टीम ने 2 लोगों को दबोच लिया। जांच में पता चला कि ठगे गए पैसों को हवाला के जरिए विदेश भेजा गया था और फिर BINANCE नाम के ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी के रूप में भारत में वापस लाया गया था।
स्पेशल टीम ने लीड मिलने के बाद मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 53 लाख रुपये, मोबाइल फोन, चेक बुक, एटीएम कार्ड, पासबुक और लैपटॉप बरामद किया है।



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