देहरादून (महानाद डेस्क) : डीएम देहरादून सविन बंसल की कोर टीम के नजर तरेरते ही निर्धारित मानक से अधिक फीस वसूल रहे स्कूल ने अपनी फीस कम कर दी। जिला प्रशासन के आक्रमक रुख के चलते एन मेरी स्कूल ने अपनी फीस बढोतरी को 25 प्रतिशत से कम करके 10 प्रतिशत कर दिया। स्कूल ने अपना फीस स्ट्रक्चर भी प्रशासन को सबमिट कर दिया है।
आपको बता दें कि जिले में प्रथम बार शिक्षा माफियाओं पर जिला प्रशासन ने सख्त प्रवर्तन एक्शन की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त निर्देश हैं कि शिक्षा माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही की जाये। वहीं, जिलाधिकारी सविन बंसल शिक्षा माफियाओं पर सख्त रूख अपनाएं हुए हैं। विगत दिनों 4 बड़े पुस्तक भण्डार जो जीएसटी चोरी, बिल न देने, अनावश्यक सामग्री क्रय करने को विवश कर रहे थे, जिन पर सख्त एक्शन लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही दुकाने सील कर दी गई हैं।
उधर, जिला प्रशासन के आक्रामक रुख के चलते एन मेरी स्कूल ने फेीस कम करते हुए 10 प्रतिशत की अन्डरटेकिंग दी है जो कि पहले 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी थी। जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से जहां निजी स्कूल पंक्तिबद्ध हुए हैं वहीं अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभिभावकों, बच्चों के शोषण पर जिला प्रशासन ने नकेल कसेने की पूर्ण तैयारी कर ली है। डीएम की कोर टीम इन दिनों निजी स्कूलों पर नजर तरेरे हुए है। सख्त निर्देश हैं कि नियम मानो, नहीं तो लाईसेंस निरस्त कर स्कूलों पर ताला जड़ दिया जाएगा। जिले में प्रथम बार शिक्षा के व्यापार पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है। पुस्तक माफियाओं के बाद अब निजी स्कूल बैकफुट नजर आ रहे हैं। डीएम के सख्त निर्देश हैं कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कहीं से शिकायत प्राप्त हुई तो इस पर सख्त-सख्त एक्शन किया जाएगा। वहीं कई बडे़ निजी स्कूल अब प्रशासन के रडार पर हैं।
जिला प्रशासन की सख्ताई के बाद अब एन मैरी स्कूल ने अपने पत्र में फीस बढोतरी को कम कर दी है। फीस बढोतरी को लेकर आए दिन अभिभावक परेशान होने तथा विभिन्न संगठनों पर धरना प्रदर्शन के साथ ही डीएम को ज्ञापन प्राप्त हो रहे थे। डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद के तमाम निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, प्रबन्धकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। शासनादेश के अनुरूप फीस वृद्धि 03 वर्ष मंे 10 प्रतिशत् बढोतरी ही कर सकते हैं इससे अधिक करने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।निर्देशित किया कि पाठ्य-पुस्तकें बाजार में किसी भी विक्रेता के पास आसानी से कम मूल्य पर उपलब्ध हो,सभी विद्यालय उत्तर पुस्तिकाओं कॉफी में विद्यालय के नाम के मुद्रण का चलन भी समाप्त किया जाय, जिससे अभिभावक खुले बाजार में किसी भी विक्रेता से उत्तर पुस्तिकायें क्रय कर सके।
वहीं, जिले में संचालित समस्त विद्यालय अपने विद्यालय में प्रचलित छात्र गणवेश की जानकारी अपनी वेबसाईट के माध्यम से खुले बाजार में उपलब्ध करायेंगे। जिससे उनके विद्यालय प्रचलित छात्र गणवेश बाजार में किसी भी विक्रेता के पास आसानी से कम मूल्य पर उपलब्ध हो सके। विद्यालय गणवेश पर मुद्रित किये जाने वाले लोगो का भी व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें, जिससे कोई भी विक्रेता विद्यालय के गणवेश को अपनी दुकान पर आसानी से उपलब्ध करा सके। समस्त निजी विद्यालयों को निर्देशित किया जाता है कि वह शासनादेशों के अनुरूप अपने विद्यालयों में शुल्क वृद्धि तीन वर्ष के अन्तराल में अधिकतम 10 प्रतिशत से अधिक किसी भी दशा में नहीं करेंगे।
जनपद देहरादून के अन्तर्गत संचालित समस्त निजी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक शैक्षिक सत्र में किये जाने वाले शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। शुल्क वृद्धि संबंधी प्रस्ताव मुख्य शिक्षा अधिकारी के अनुमोदन के उपरांत ही प्रत्येक शिक्षा सत्र में विद्यालय में लागू किये जायेंगे।
ऐन मैरी स्कूल, जीएमएस रोड, देहरादून को निर्देशित किया गया कि विद्यालय प्रशासन द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 में बढ़ाई गयी शुल्क वृद्धि को तत्काल अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमिति करते हुए छात्रों से लिये गये अधिक शुल्क को आगामी माह में लिये जाने वाले शुल्क में समायोजित करना सुनिश्चित करें। स्कूल प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि वह विद्यालय को आरटीई के अन्तर्गत प्री-प्राईमरी से कक्षा-8 तक मान्यता प्राप्त करने तथा विद्यालय की पैतृक सोसायटी परिवर्तन करने हेतु 1 माह के अन्तर्गत आवेदन करना सुनिश्चित करें।
वहीं, समर वैली स्कूल, देहरादून द्वारा उपलब्ध कराये गये शुल्क वृद्धि प्रस्ताव के संबंध में विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि विद्यालय द्वारा कक्षा-9 में प्रस्तावित की गयी शुल्क वृद्धि को सीमित करते हुए शुल्क वृद्धि को वर्तमान सत्र में 6 प्रतिशत से अधिक किसी भी दशा में नहीं की जाये तथा पाठ्य-पुस्तकों की सूची तथा छात्र गणवेश की सूचना विद्यालय की वेबसाइट पर भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाये।
सेंट जोसेफ स्कूल, देहरादून को निर्देशित किया गया है कि वह तीन वर्ष के अन्तराल में अधिकतम 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं करेंगे।
डीएम देहरादून सविन बंसल द्वारा उठाये गये इस कड़े कदम के बाद अभिभावकों की नजरें अपने-अपने जनपदों के जिलाधिकारियों पर लग गई हैं कि वे भी ऐेसे ही कड़े कदम उठाकर उन्हें शिक्षा माफिया से मुक्ति दिलायेंगे।