विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : नैनी पेपर्स लिमिटेड के कंपनी सेक्रेटरी विवेक सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर एक साइबर ठग पर कंपनी के 4,81,255.92 रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
नैनी पेपर्स लिमिटेड के कंपनी सेक्रेटरी विवेक सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी कंपनी का ऑफिस राधेश्याम बिल्डिंग के सामने, स्टेशन रोड, काशीपुर, उत्तराखंड में है। कंपनी कागज का उत्पादन करती है और विभिन्न विक्रेताओं से उपभोग्य वस्तुओं की खरीद करती है और इन खरीद के बदले उनका भुगतान एनईएफटी / आरटीजीएस द्वारा करती है।
विवेक सिंह ने बताया कि 27.11.2024 को उन्हें विक्रेता मेसर्स जेके प्लाई फाइबर्स से एक ई-मेल मिला, जिसमें बैंक खाते को बदलने के अनुरोध के साथ चेक की एक प्रति भेजी गई थी, हम यह नहीं पकड़ सके कि यह एक हैक किया गया मेल था और विक्रेता के अनुरोध पर 5.12.2024 को कंपनी ने बड़ौदा, राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा बागोर जिला भीलवाड़ा के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 4,81,255.92 रुपये का भुगतान कर दिया। लेकिन इसके बाद कंपनी को पता चला कि उक्त भुगतान एक साइबर ठग के खाते में चला गया हे।
विवेक ने बताया कि चूंकि 27.11.2024 को उन्हें अपने विक्रेता मैसर्स जेके पॉली फाइबर्स से एक ईमेल मिला, जिसमें एक चेक की प्रति और उनके बैंक खाते के विवरण को बदलने के निर्देश थे। ई-मेल वैध प्रतीत हुआ और इसमें जाली चेक शामिल था, जिससे उनके लेखा विभाग ने विक्रेता के बैंक विवरण को संशोधित कर 5.12.2024 को विक्रेता के अनुरोध पर, बैंक खाते में 4,81,255.92 का भुगतान कर दिया जो कि बाद में पता चला कि उक्त भुगतान तीसरे पक्ष के खाते में चला गया। उक्त खाते के बैंक से पूछताछ करने पर पता चला कि उक्त धनराशि तुरंत कई अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई थी तथा धनराशि का एक हिस्सा नकद में निकाल लिया गया था, जिससे खाते में बहुत कम या कोई शेष नहीं बचा था।
विवेक सिंह ने कहा कि हमारा मानना है कि यह घटना एक परिष्कृत फिशिंग हमले या साइबर धोखाधड़ी के अन्य रूपों का परिणाम है, जिसके कारण कंपनी को 4,81,255.92 का नुकसान हो गया। उन्होंने पुलिस से कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
विवेक सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात इग के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच टांडा चौकी प्रभारी एसआई सुनील सुतेड़ी के सुपुर्द की है।



