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Sunday, April 5, 2026
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गजब : पुलिस इंस्पेक्टर के घर पर चला बाबा का बुलडोजर

लखनऊ (महानाद) : दूसरी बार उत्तर प्रदेश की कमान संभालते ही बाबा (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ-CM-Yogi-adityanath) का बुलडोजर (JCB) कहर ढाने लगा है। प्रदेश के प्रत्येक हर जिले में अपराधियों के अवैध निर्माण पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरु हो गई है।

रविवार को चिनहट थाना क्षेत्र के सतरिख रोड स्थित देवराजी विहार, गोरखपुर में मनीष गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी एवं तत्कालीन इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह (Inspector Jagat-Narayan-Singh) के घर पर बाबा का बुलडोजर चढ़ गया। बता दें कि आरोपी इंस्पेक्टर ने लखनऊ विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा (Map) पास कराए 900 स्क्वायर फिट के प्लॉट में 3 मंजिला आलीशान मकान बना रखा था। जिसे एलडीए के अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में गिरा दिया गया।

एलडीए ने कार्रवाई से पहले अनाधिकृत निर्माण के संबंध में 12 अक्टूबर 2021 को वाद संख्या 385/2021 पंजीकृत किया था। तोड़े गए मकान में कुल 10 कमरे थे। इंस्पेक्टर ने भवन को किराए पर देने के उद्देश्य से बनवाया था। हर कमरे में किचन और टॉयलेट बने हुए थे। मकान की कीमत एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। एलडीए के मुताबिक प्रिंस पुत्र जगत नारायण सिंह व अन्य भूखंड संख्या आठ देवराजी विहार सरायशेख, सतरिख रोड, लखनऊ के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 (1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद कार्रवाई से पहले ताला तोड़कर परिसर के हर कमरे में देखा गया कि कोई व्यक्ति तो भीतर तो नहीं है। इसके बाद एलडीए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी के आदेश पर प्रवर्तन जोन-एक के जोनल अधिकारी/विहित प्राधिकारी अमित राठौर के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस दौरान कई थानों की पुलिस और पीएसी भी मौजूद रही।

आको बता दें कि गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र के कृष्णा पैलेस में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया था कि मनीष की हत्या की रात को जब पुलिसकर्मी मनीष के कमरे में पहुंचे थे, तब उन्होंने लखनऊ निवासी उसके रिश्तेदार दुर्गेश को फोन किया था। जिसके बाद सीबीआई ने अपना आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह सहित 6 पुलिस कर्मी नामजद किये गये थे। जिन्हें विगत 22 फरवरी को गिरफ्तार कर दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। मामले में निलंबित इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, राहुल दुबे, कमलेश, अक्षय मिश्रा, विजय यादव तथा मनीष जेल में सजा काट रहे हैं।

विदित हो कि इन पुलिस कर्मियों पर आरोप है कि विगत 27 सितंबर 2021 को कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर के एक होटल में आधी रात को घुसे पुलिसकर्मियों ने हत्या कर दी थी। मनीष अपने कुछ दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने आए थे। वह यहां रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। आरोप है कि चेकिंग के नाम पर होटल के कमरे में घुसी पुलिस ने विवाद के बाद मनीष को इतनी बुरी तरह से पीटा की उसकी मौत हो गई। मामले में कार्रवाई करते हुए रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए थे।

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