नई दिल्ली (महानाद) : फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए हमले के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के कथित साहस की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।
घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की। एक इजरायली यात्री यानिव हयून ने नेतन्याहू को बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुला हुआ था और स्मित दरवाजे के बेहद करीब थे। हयून के मुताबिक, उनका मानना है कि स्मित ने अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए दरवाजा खोला और इसके बाद बेहोश हो गए।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे यात्रियों और चालक दल को हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला।
नेतन्याहू के मुताबिक, इस कार्रवाई से 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली, जिनमें इजरायली नागरिकों के साथ दूसरे देशों के नागरिक भी शामिल थे।
हमले के दौरान क्या किया कैप्टन स्मित ने?
घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर घायल हो गए थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद फ्लाइट अटेंडेंट और यात्रियों को कॉकपिट तक पहुंचने का रास्ता मिला।
सोशल मीडिया पर भी स्मित की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है। एक महिला ने एक्स पर दावा किया कि पायलटों के कॉकपिट में एक ऐसा स्विच होता है, जिससे दरवाजा अंदर से अनलॉक किया जा सकता है। हालांकि, इस दावे और स्मित द्वारा वास्तव में उस स्विच का इस्तेमाल किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
स्पाइसजेट में भी कर चुके हैं काम
कैप्टन स्मित मच्छर फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट में एक दशक से ज्यादा समय तक काम कर चुके हैं। घटना के बाद उनके साहस और सूझबूझ की चर्चा इजरायल समेत सोशल मीडिया पर भी हो रही है।



