विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : नगर के एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर की पत्नी ने शादी के 26 साल बाद अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
काशीपुर निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी शादी एक डॉक्टर से 2.2.1999 को हुई थी। उनके पति काशीपुर में 2011 से एक अस्पताल चला रहे हैं। उनके पति अपने अस्पताल में काम करने वाली स्टाफ नर्स के साथ नजदीकी बढ़ाते हुए संबध स्थापित कर लेते थे, जिसे उन्होंने सीसीटीवी फुटेज में देखा। उनके ऑपरेशन थियेटर में उन्हें कंडोम, लेडीज टॉप, आर्टिफिशियल गोल्ड ज्वैलरी, चैन, दिल का पेंडेन्ट मिला तो उन्होंने अपने पति को मंदिर में ले जाकर गंगाजलि उठाकर बच्चों के जीवन का हवाला देकर पूछा तो पति ने स्वीकार किया कि वह इन्वॉल्व थे और तब उन्होंने उनके पैर छूकर माफी भी मांगी और उन्होंने अपने परिवार और अपने बच्चों की खातिर पति को माफ कर दिया।
महिला ने बताया कि इन सब घटनाओं के बाद कुछ समय तक तो उनके पति शान्त रहे लेकिन उसके बाद उन्होंने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उनके ऊपर झूठे-झूठे आरोप लगाकर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। उनके ऊपर हर समय चीखते-चिल्लाते, उन्हें बात-बात में आपत्तिजनक बातें बोलकर अपमानित करता और अक्सर ऐसे शब्द बोलता जो शायद किसी परिवार में नहीं बोले जाते होंगे। कहता है कि तू डायन है, तू पत्थर है, तू सुरशना राक्षसी है, तू कुलक्षणी है, तू अलक्ष्मी है आदि-आदि….
महिला ने बताया कि वह उन पर लगातार दबाव बनाने लगे कि तूने मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए हैं। यह बात लिखकर दे कि नर्स के साथ सम्बन्धों की बात सिर्फ उनका शक था, इसमें सच्चाई नहीं थी, ऐसा लिखकर देगी तभी मैं घर में रहने दूँगा और हर समय कोई न कोई बहाना बनाकर अक्सर उनके ऊपर हाथ भी उठा दिया करते और कहते कि तू डाक्टरों की जिन्दगी को नहीं समझती है, तू नॉन मेडिको है, तू क्या जाने डॉक्टर कैसे जीते हैं। मैने तुझे बच्चे पालने के लिए दे दिए हैं। उन्हें पाल और मुझे मेरी मर्जी की जिन्दगी जीने दे चुपचाप। जैसे मैं रखूं वैसे चुपचाप रहती रह, अगर तूने मेरे राज खोलने की कोशिश की तो मैं तेरा जीवन बर्बाद कर दूंगा और ऐसे मोड़ पर लाकर तुझे तलाक दूँगा कि तेरे पास मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। मेरे पास पैसा और ताकत दोनों है।
महिला ने बताया कि वह ये सब कुछ सिर्फ अपने बच्चों की खातिर बर्दाश्त करते हुए रहती थी, क्योंकि उनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है और उनके भाइयों को गोली मारने की धमकी देता था फिर भी उन्होंने अपने पति के उत्पीड़न को लगातार बर्दाश्त करते हुए पति के गलत आचरण का विरोध किया तो उन्होंने उन्हें डराते हुए कहा कि अगर तूने मुझे रोकना-टोकना बन्द नहीं किया तो मैं आत्महत्या कर लूंगा और अपने हाथ में गोली मार ली। तब भी मैं बेबस होकर कर गई क्योंकि मेरे बच्चे छोटे थे और मेरे पास अपनी गुजर बसर करने के लिए आय का कोई स्रोत नहीं था। पढ़ी लिखी होने पर भी इन्होंने मुझे यह कहकर नौकरी नहीं करने दी कि हमारे पास पैसे की क्या कमी है और आर्थिक रूप से पूरी तरह अपने ऊपर आश्रित बना दिया।
महिला ने बताया कि अब उनके पति उन्हें और अधिक भयभीत करने के लिए बच्चों के ऊपर भी तंत्र-मंत्र क्रियाएं कर दी हैं, जिससे वे विवेकशून्य हो गए हैं और उनके साथ गाली-गलौज वाली भाषा में बात करने लगे हैं। छोटे बेटे ने तो उन्हें उनके पति के सामने मां. बहन आदि गंदी-गंदी गालियां दी हैं। उनका पति खुद रात को 12.00 बजे शमशान घाट जाकर वहां से उन्हें फोटो भेजकर डराने का प्रयास करता है जिससे वह उनकी गलत करतूतों का विरोध करना बन्द कर दें।
महिला ने बताया कि पहले उनका पति उन्हें आईमए के कार्यक्रमों और पार्टीज में ले जाया करता था, लेकिन जब से उन्होंने उनकी गलत हरकतों का विरोध किया है, उन्होंने अपने साथ ले जाना बन्द कर दिया है। हमारे घर में दोनो बच्चों और उनके पति के बीच संवाद स्थापित करने के लिए और अन्य गतिविधियों के लिए कुछ वाट्सएप ग्रुप थे जैसे- फैमिली ग्रुप, अन्नपूर्णा ग्रुप, दोस्ती ग्रुप से उन्होंने उन्हें हटा दिया है और बोला कि अभी तो व्हाट्सएप ग्रुप से निकाला है अब देख तुझे घर से भी निकालूंगा, तेरी रोटी पानी भी बन्द करूंगा और तेरे सिर के ऊपर से छत भी हटाऊंगा, यहाँ तू हराम का खा रही है। इन सबसे वह बहुत डरी हुई थी, तब उन्होंने पूछा फिर किसके साथ रहोगे तो बोले पहले तू निकल फिर चाहे मैं एक रखूं या चार रखूं।
महिला ने बताया कि उनका पति उन्हें उनके बड़े बेटे के पास एक-एक महीने के कोटा भेज देते थे और इधर काशीपुर में हॉस्पिटल की नर्स के साथ सम्बन्ध बनाने लगे, जब उन्होंने रोका तो 2 जनवरी 2024 को उन्होंने उन्हें मारा पीटा तब उन्होंने 112 नम्बर पर फोन करके पुलिस को बुलाया और अपने पति को समझाने के लिए कहा क्योंकि वह अपने बच्चों क भविष्य की खातिर शान्तिपूर्वक रहना चाहती थी।
महिला ने बताया कि जनवरी 2024 को उनके पति ने एक झूठी शिकायत महिला थाने में उनसे तलाक का आधार बनाने की नीयत से की। काउन्सलिंग के दौरान पति ने उन्हें पैसा देना, किचिन के सामान के लिए परेशान करना, कामबाली बाइयों को पैसा देना बन्द कर दिया और उन्हें एक अलग कमरे मे कर दिया और छोटे बेटे के साथ दूसरे कमरे में रहने लगे, जो भी घर में खाने पीने का सामान आता उसे अपने कमरे में ले जाते और उन्हें भूखा रखने लगे। तब उन्होंने इधर-उधर से पैसा लेकर काम चलाना शुरू किया।
महिला ने बताया कि इसी दौरान उनके पति ने उन पर जेवर चोरी होने का आरोप लगाया, जबकि दोनों ही लॉकर की चाबी हमेशा उनके पति के पास रहती हैं और बैंक का लास्ट ऑपरेशन भी उनके द्वारा ही किया गया था। 1 अगस्त 2025 को कटोराताल, काशीपुर चौकी प्रभारी की उपस्थिति मे जब लॉकर खोला गया तो उसमें एक भी आभूषण और एफडी नहीं मिले जो उनके पति द्वारा ही निकाल लिए गए हैं। उनके पति ने उन्हें शादी में मिले सोने चांदी के आभूषण के साथ-साथ उनका मतदान पहचान पत्र, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, बैक पासबुक सब कुछ अपने पास रख लिया है और उनका फोन भी जबरदस्ती छीनकर फॉर्मेट कर दिया है, जिसमें उनकी गलत हरकतों के कुछ वीडियो थे।
महिला ने कहा कि उनके पति द्वारा उनके घर से निकलने पर गलत तरीके से बोलते हुए अपमानित करते हैं, मेरा पीछा करना, मेरे ही घर में मेरी हर गतिविधि का वीडियो बनाना, यहां तक कि पर्सनल चीजों का भी वीडियो बनाना वह अक्सर रोज करते हैं। मना करने पर लड़ने को उतारू हो जाते हैं। इस पर भी उनके पति का मन नहीं भरा तो उन्होंने जुलाई 2025 को तलाक का दावा डाल दिया, जबकि वह उसी घर में रह रही हैं और बतौर पत्नी-पति संसर्ग भी बनाए हुए है।
महिला ने बताया कि दिनांक 9 अगस्त 2025 को उनके पति छोटे बेटे को लेकर ग्वालियर की प्रोपर्टी के मुकदमें की तारीख बताकर गए और पूरे घर में सभी जगह यहां तक कि घर के मन्दिर तक में ताला लगा कर गए हैं। उनके पति लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं, जिसे रोका जाए वरना वह उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देेंगे।
महिला ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी मदद की जाए क्योंकि उनके पति ने उनका जीवन तो पहले ही बर्बाद कर दिया है, उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं करने दी, जहाँ भी उन्होंने नौकरी की उसे यह कहते हुए छुड़वा दिया कि बच्चों को देखो, मेरे पास पैसे की कोई कमी नही है। अब जब उनकी उम्र 54 वर्ष से ज्यादा हो गई है, उन्हें कहीं नौकरी नही मिलेगी, तब उन्हें तलाक देकर घर से निकालना चाहता है। उन्होंने उनके डॉ. पति द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न से निजात दिलाते हुए घर में शान्तिपूर्वक रहने के लिए सुरक्षा प्रदान की जाने की मांग की है।
पुलिस की तहरीर के आधार पर पुलिस ने महिला के डॉक्टर पति के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 85 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एएसआई प्रकाश सिंह बोरा के हवाले की है।



