रामनगर (महानाद) : कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत व एसडीएम रामनगर के आदेश पर जमीन धोखाधड़ी के 2 मामलों में पुलिस ने सालों बाद मुकदमें दर्ज कर जांच शुरु की है।
पहले मामले में पुनीत कुमार गोयल पुत्र प्रयाग कुमार गोयल निवासी सर्राफा चौक, कसेरा लाईन रामनगर (नैनीताल) ने एसडीएम रामनगर को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि प्रतिपाल कड़ाकोटी एवं सईद कुरैशी ने एक जमीन नया गांव चौहान, तहसील रामनगर की कृषि भूमि आराजी 3595 हैक्टेयर बाबत प्रतिपाल सिंह कड़ाकोटी द्वारा 3595 हैक्टे., आराजी जो विपक्षी सं. 2 सईद अख्तर तथा सईद अख्तर के भाईयों के नाम पर खतौनी में दर्ज थी, उक्त कृषि भूमि को उन्हें बैनामे से विक्रय मूल खातेदारों से कराने का आश्वासन देकर दिनांक 11.01.2016 को विपक्षी प्रतिपाल सिंह कड़ाकोटी पुत्र कुन्दन सिंह कड़ाकोटी निवासी-ग्राम-उदयपुरी बन्दोबस्ती, तहसील रामनगर, जिला नैनीताल ने उनसे 5 लाख रुपये नकद व 5 लाख रुपये बैंक के जरिये प्राप्त कर लिये।
वहीं, सईद अख्तर पुत्र अब्दुल मजीद निवासी- बजरिया खानसाना, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) जो ग्राम-नया गांव चौहान के उक्त उल्लेखित 3595 हेक्टे आराजी सहित अन्य आराजी के सहखातेदार था। प्रतिपाल सिंह कड़ाकोटी ने कहा कि आज मूल सहखातेदार सईद अख्तर को पच्चीस लाख रुपये) का बैंक एडवांस दे दो तथा कुछ ही समय बाद सईद अख्तर आपको उक्त आराजी का रजिस्टर्ड बैनामा आपके पक्ष में कर देंगे।
पुनीत गोयल ने बताया कि वह उपरोक्त विपक्षीगणों की बातों में आ गये तथा दोनों विपक्षीगणों के उकसाने पर उन्होंने पच्चीस लाख रुपये का चैक सईद अख्तर को दे दिया। इस प्रकार दोनों व्यक्तियों ने मिलकर उन्हें कृषि भूमि बेचने का झांसा देकर उनसे 35 लाख रुपये प्राप्त कर लिये। इसके बाद सईद अख्तर ने उक्त जमीन अपने भाईयों के साथ मिलकर दीगर व्यक्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में रजिस्टर्ड विक्रय बैनामा कर बेच दी। उन्होंने उक्त लोगों के खिलाफ कानून कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम रामनगर के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने प्रतिपाल कड़ाकोटी व सईद अख्तर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई दीपक कुमार के हवाले की है।
दूसरे मामले में बख्तावर सिंह नेगी पुत्र स्व. गंगा सिंह नेगी निवासी ग्राम चन्द्रपुर तिवाड़ी (दुल्हेपुरी), बद्री बिहार 1, पीरूमदारा, रामनगर, नैनीताल ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने सन् 2004 में नया झिरना, आमपोखरा, प्लॉट नं. 16 में 3 बीघा जमीन यशपाल सिंह रावत पुत्र स्व. सुल्तान सिंह रावत से खरीदी थी। वह उक्त जमीन में सन् 2004 से लेकर अभी तक कब्जा, जुताई बुआई करते आ रहे हैं।
बख्तावर सिंह नेगी ने बताया कि दिनांक 27.12.2022 को प्रातः 9 बजे जब वे इस जमीन में एक कमरे का निर्माण कार्य शुरु कर रहे थे कि तभी यशपाल सिंह रावत व उनके परिजनों ने उनके कर्मियो के साथ मारपीट, गाली गलौच व उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें मकान बनाने से रोक दिया, उनका मकान बनाने का सारा सामान मौके पर पड़ा हुआ है।
बख्तावर सिंह नेगी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने 6.08.2023 को नर्सरी से फलदार वृक्ष लगाए, जिन्हें भी उक्त लोगों ने उखाड़ व तोड़ कर फेंक दिये और एक झुग्गी डाली थी उसे भी तोड़ दिया। इनके दिल में बेईमानी आ रही है, यह उनकी खरीदी हुई जमीन को हड़पना चाह रहे हैं। वह एक पूर्व सैनिक हैं, सन् 2002 में सेवानिवृत्त होकर कुल धनराशि दो लाख अस्सी हजार रुपये लाये थे, उनके तीन बेटे हैं, उन्होंने सोचा इनके लिए कुछ जमीन खरीद लूँ। 3 बीघा जमीन खरीदने में उन्होंने तीन लाख तीस हजार रुपये बड़ी मुश्कील से जमा किए। आज उनके साथ इस तरह धोखाधड़ी हो रही है। उन्होंने उक्त के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के आदेश पर पुलिस ने बख्तावर सिंह नेगी की तहरीर के आधार पर यशपाल सिंह रावत के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई बीरेन्द्र सिंह बिष्ट के हवाले की है।



