spot_img
spot_img
Tuesday, February 24, 2026
spot_img

पेट्रोल-डीजल नहीं आयेगा जीएसटी के दायरे में , पुरानी गाड़ी बेचने पर लगेगा 18 प्रतिशत जीएसटी

महानाद डेस्क : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी काउंसिल की 55 वीं बैठक आयोजित की गई जिसमें आगामी बजट और जीएसटी को लेकर आए कई प्रस्ताव और प्रावधानों पर चर्चा की गई। बैठक में टर्म इंश्योरेंस, जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स कम करने का प्रस्ताव राज्यों के विरोध के चलते टाल दिया गया। वहीं राज्यों ने पेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमति नहीं जताई।

बैठक के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि देश से बाहर माल भेजने वाले सप्लायर्स पर लगने वाले कंपनसेशन सेस को कम किए जाने पर सहमति बनी है। इससे निर्यातकों का वर्किंग कैपिटल बढ़ेगा।

वहीं, फॉर्टिफाइड चावल के कर्नेल्स पर जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। अब नमकीन पॉपकॉर्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। लेकिन यदि वह शुगर कोटेड (कैरेमलाइज ) है तो उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। किसान के काली मिर्च और किशमिश की आपूर्ति पर कोई जीएसटी नहीं लगेगी। 50 प्रतिशत फ्लाई ऐश वाले एसीसी ब्लॉक्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया गया है।

यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी कार बेचता है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन कोई कंपनी के माध्यम से कार बेचेगो जो उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी देनी होगी। यह जीएसटी यूज्ड इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल पर भी लागू होगा।

सतह से हवा में मार मरने वाली मिसाइलों पर आईजीएसटी छूट को बढ़ाया जाएगा।

वहीं, सिगरेट और तंबाकू में जीएसटी की दर 35 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। 1,500 रुपये तक की कीमत के कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी, 10 हजार रुपये तक के कपड़ों पर 18 प्रतिशत और इससे मंहगे कपड़ों पर 28 फीसदी प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। 15,000 रुपये से महंगे जूते और 25,000 रुपये से महंगी कलाई घड़ियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी की सिफारिश की गई है।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाना मंगवाने पर डिलीवरी शुल्क पर जीएसटी को कम करने वाले प्रस्ताव को टाल दिया गया है।

पैक और लेबल वाले रेडी-टू-ईट स्नैक्स पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। नमक और मसालों रेडी-टू-ईट पॉपकॉर्न पर 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। लेकिन शर्त यह है कि वह पहले से पैक और लेबल नहीं हो।

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) को जीएसटी के दायरे में लाने के केंद्र के प्रस्ताव का राज्यों ने विरोध किया है। इसके जीएसटी के दायरे में आने से हवाई यात्रा सस्ती हो जाती।
किसी कंपनी के माध्यम से ईवी समेत पुरानी कारों की बिक्री पर अब 12 की जगह 18ः जीएसटी लगेगी।

जैसलमेर में दो सत्रों में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, गोवा, हरियाणा, जम्मू- कश्मीर, मेघालय, ओडिशा के मुख्यमंत्री व अरुणाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश व तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री तथा आर्थिक मामलों व व्यय विभागों के सचिव और वित्त मंत्रालय मौजूद रहे।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles