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Thursday, February 19, 2026
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खुलासा : बेटा ही निकला प्रोपर्टी डीलर का हत्यारा, नशेड़ी दोस्तों की मदद से दिया हत्या को अंजाम

अभिनव अग्रवाल
रुड़की/हरिद्वार (महानाद) : 36 दिन की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार पुलिस ने प्रोपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम के शानदार प्रदर्शन पर आईजी गढ़वाल द्वारा 15 हजार रुपये तथा एसपी हरिद्वार द्वारा 10 हजार रुपये ईनाम की घोषणा की गई है।

सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि जनपद हरिद्वार के कोतवाली गंगनहर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 27.12.2023 को अज्ञात बदमाशों द्वारा पनियाला रोड़ स्थित ऑफिस/आवास में ताबड़तोड़ कई गोली मारकर एक प्रोपर्टी डीलर जोगेंद्र की हत्या ककर दी गई थी जिससे जिले सहित पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी। उक्त बेहद सनसनीखेज घटना पर उनके (एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल) द्वारा एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह व सीओ रुड़की पल्लवी त्यागी के साथ मौके पर पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी ली गई एवं अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। घटना को एक चैलेंज के रूप में लेते हुए खुलासे हेतु कोतवाली गंगनहर व सीआईयू रुड़की/हरिद्वार की सयुंक्त टीमें गठित की गई।

एसएसपी द्वारा गठित की गई पुलिस टीम द्वारा जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि संपन्न गुर्जर परिवार से ताल्लुक रखने वाले करोड़ों की संपत्ति के मालिक व पेशे से प्रोपर्टी, कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले पनियाला निवासी मृतक जोगिंदर 27 तारीख को रात्रि में घर का मुख्य गेट बंद कर अपने ऑफिस में बैठे हुए थे। इसी बीच तीन अज्ञात बदमाशों ने सड़क पर अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और एक बदमाश ने दीवार फांदकर अंदर से मुख्य गेट खोल दिया। तीनों बदमाशों ने ऑफिस में घुसकर अकेले बैठे जोगिंदर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे जोगिंदर की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना करने के बाद बदमाश तुरंत गेट से बाहर निकले और मोटरसाइकिल में बैठकर फरार हो गए। इस हत्याकांड की गूंज न सिर्फ रुड़की शहर, बल्कि पूरे उत्तराखंड में गूंजी थी।

पूरी तरीके से ब्लाइंड इस केस को वर्कआउट करने के लिए पिछले लगभग 36 दिनों से हरिद्वार पुलिस द्वारा एड़ी चोटी का जोर लगाया गया। प्रारंभिक तौर पर कथित मोटर साइकिल एवं बदमाशों की पहचान के साथ ही वारदात के लिए प्रयोग किए गए रास्तों, मृतक की पुरानी रंजिश एवं लेन देन/जमीनी विवादों समेत अनेकानेक जानकारियां जुटाई गईं। सभी जानकारियां इकट्ठा करने पर प्रकाश में आया कि मृतक का बेटा अनुराग नशा करने का आदी है। जिसका आपराधिक किस्म के लोगों से मिलना-जुलना भी है। इसके अतिरिक्त अनुराग अपने पिता के कहने सुनने में भी न होने की बात भी सामने आयी। साथ ही प्रकाश में आए प्रिंस खटाना नामक संदिग्ध की जानकारी की, तो पता चला कि उक्त संदिग्ध व अनुराग आपस में गहरे परिचित हैं और घटना के दिन प्रिंस खटाना नोएडा से हरिद्वार आया था। इस पर पूछताछ में प्रिंस खटाना ने अनुराग के कहने पर जोगिंदर की हत्या कराने की बात स्वीकार की। पुलिस टीम ने प्रिंस खटाना की निशानदेही पर घटना में सम्मिलित तीनों शूटरों को नोएडा क्षेत्र से दबोचा एवं घटना के लिए मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने के आरोपी अंशुल को दबोचकर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।

टेक्निकल एविडेंस एवं घटना से प्रकाश में आये सभी तथ्यों के आधार पर बारीकी से पूछताछ की गई तो षडयंत्र के मुख्य आरोपी अनुराग के पास पुलिस के अकाट्य सबूतों का कोई जवाब नहीं था। अनुराग ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए अपने पिता की हत्या करने की बात कबूली।

पूछताछ के दौरान पता चला कि पिछले करीब चार-पांच सालों से अनुराग की कई ऐसे लड़कों से दोस्ती थी जो नशे के आदी थे। अक्सर घर से बाहर रहने के कारण दोस्तों के खर्च भी अनुराग को ही उठाने पड़ते थे जिस कारण उसने कई बार घर से पैसा भी चोरी किया। नशे की आदतों व यारी दोस्ती की जानकारी होने पर अनुराग के पिता जोगिंदर ने उससे मारपीट कर कई बार उसे घर में ही बंद करने लगे, लेकिन अनुराग की आदतों में कोई सुधार नही हुआ। बार-बार की रोक-टोक बंद कराने का प्लान बना रहे अनुराग की मुलाकात आपराधिक किस्म के लड़के प्रिंस खटाना से हुई। अनुराग ने प्रिंस खटाना को कहा कि यदि मेरे पिता की हत्या हो गई तो सारी प्रोपर्टी मेरे पास आ जाएगी और उस प्रोपर्टी से मैं तुम्हें लगातार कुछ न कुछ पैसे देता रहूंगा जिंदगी में तुम्हें कभी पैसों की कमी नहीं रहेगी। जिस पर प्रिंस खटाना ने डील स्वीकार कर शूटरों की व्यवस्था होते ही कुछ ही दिनों में अनुराग के पिता की हत्या करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रिंस खटाना व शूटर ने योजना के अनुसार 27 तारीख को अकेले बैठे जोगिंदर को एक के बाद एक कई सारी गोली मारकर हत्या कर दी।

घटना के सफल खुलासे पर जहां चहुंओर हरिद्वार पुलिस की वाहवाही हो रही है, तो इसके पीछे कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल की शार्पनेस एवं देहात क्षेत्र के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह, सीओ रुड़की पल्लवी त्यागी एवं सीआईयू टीम की बिना थके/रुके/सोए दौड़धूप व थाना पुलिस की जबरदस्त मेहनत है। पुलिस टीमों का हजारों छोटी-बड़ी बातों/तथ्यों का दिन रात मेहनत करते हुए एनालिसिस कर घटना का सफल खुलासा करना, एक ऐसी सफलता की कहानी बयां करता है जो हरिद्वार के देहात क्षेत्र में लंबे समय तक याद रखी जाएगी। क्राइम केस की एनालिसिस करने वाले लोगों के लिए यह एक शानदार क्राइम केस स्टडी है।

हत्या के सफल खुलासे पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए आईजी रेंज करण सिंह नगन्याल द्वारा 15000/- रुपये व एसएसपी हरिद्वार द्वारा 10,000 रुपये ईनाम की घोषणा की गई। पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु अन्य पारितोषिक के लिए मुख्यालय स्तर के अधिकारियों से भी वार्ता की जा रही है।

पकड़े गए हत्यारोपियों के नाम-
1- प्रिंस खटाना पुत्र सतीश खटाना निवासी भराना, थाना सिकन्दराबाद, जिला बुलन्दशहर, उ.प्र.।
2- अनुराग पुत्र स्व. जोगिंदर निवासी कृष्णानगर, पनियाला रोड, रुड़की।
3- अंशुल कुमार निवासी लक्सर, हरिद्वार।
4- आशिक गुर्जर पुत्र स्व. महेन्द्र निवासी भराना, थाना सिकन्दराबाद, जिला बुलन्दशहर, उ.प्र.।
5- प्रशान्त खटाना उर्फ काला पुत्र बीरसेन निवासी भराना, थाना सिकन्दराबाद, जिला बुलन्दशहर, उ.प्र.।
6- प्रशान्त यादव उर्फ टीकू पुत्र प्रमोद यादव निवासी कोटा, थाना गुलावटी, जिला बुलन्दशहर, उ.प्र.।

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