विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक सूदखोर के आतंक से परेशान हुई महिला ने एसपी सिटी को शिकायती पत्र देकर मदद की गुहार लगाई जिसके बाद एसपी के आदेश पर आईटीआई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मोटेश्वर मंदिर के पीछे, ओम विहार कालोनी, काशीपुर निवासी नीरजा सिंह पत्नी राजेश कुमार ने एसपी काशीपुर को तहरीर देकर बताया कि वह एक निजी स्कूल की संचालिका हैं और उनके पति राजेश कुमार रुद्रपुर में रहकर प्राईवेट कार्य करते हैं। वर्ष 2020 में स्कूल के अतिरिक्त निर्माण के दौरान आर्थिक परेशानी के चलते निर्माण कार्य बाधित होने लगा, जिस कारण उन्होंने फरवरी 2020 के प्रथम सप्ताह में अपने परिचित सतपाल सिंह चौहान निवासी आवास विकास, काशीपुर से उधार में 1,00,000 रुपये कुछ समय के लिए देने के लिए कहा।
नीरजा सिंह ने बताया कि इस पर सतपाल सिंह ने उनसे कहा कि मैं तुन्हें ब्याज पर रुपये देने वाले ओमदत्त शर्मा पुत्र तिरखा शर्मा निवासी वैशाली कालोनी, काशीपुर से मिलवा देता हूं, वह तुम्हें ब्याज पर रुपये दे देगा। इसके बाद सतपाल सिंह एक दो दिन बाद ओमदत्त शर्मा को साथ लेकर उनके स्कूल में आया और कहने लगा कि मैं तुम्हें 5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज पर 1,00,000 रुपये दे सकता हूं लेकिन तुम्हे इसके एवज में अपने बैंक खाते का ब्लैंक चैक हस्ताक्षर कर देना होगा।
नीरजा सिंह ने बताया कि चूंकि वह गहरी आर्थिक परेशानी में थीं इसलिए वह ओमदत्त शर्मा के झांसे में आ गई। दिनांक 13.02.2020 को सतपाल सिंह व ओमदत्त शर्मा उनके स्कूल में आये और ओमदत्त शर्मा ने अपने बैंक खाते का 1,00,000 रुपये का चैक उन्हें दे दिया, इसके बदले में उनसे एक ब्लैंक चैक हस्ताक्षर करवाकर ले लिया। जब उन्होंने लिखा पढ़ी करने को कहा तो सतपाल सिंह ने उनसे कहा कि तुम समय से ओमदत्त शर्मा को ब्याज देते रहना, यह तुम्हारे चैक का दुरुपयोग नहीं करेगा।
नीरजा सिंह ने बताया कि मार्च 2020 में देश में अचानक कोरोना लॉकडाउन हो गया और उनका स्कूल बन्द हो गया, जिस कारण वह ओमदत्त शर्मा का प्रतिमाह ब्याज की धनराशि 5,000 रुपये अदा नहीं कर पाई। कोराना नियमों में ढील मिलने पर उन्होंने ब्याज के 42,000 रुपये कई बार में उक्त ओगदत्त शर्मा को नकद रूप में प्रदान कर दिये तथा इसके बाद स्कूल से आय प्राप्त होने पर बैंक के माध्यम से वर्ष 2022 में कई बार में 39,000 रुपये और फिर 21,000 रुपये कुल 1,02,000 हजार रुपये ओमदत्त शर्मा को दे दिये।
नीरजा सिंह ने बताया कि इसके बाद जब उन्होंने अक्टूबर 2022 में ओमदत्त शर्मा से अपना हिसाब किताब व्याज के शेष बचे 40,000 रुपये लाकर अपना मूल ब्लैंक चैक वापस मांगा तो ओमदत्त शर्मा उनसे ब्याज पर ब्याज मिलाकर 5,00,000 रुपये की मांग करने लगा। जिसे सुनकर वह हैरान हो गईं और उन्होंने ओमदत्त शर्मा से फोन पर बात-चीत की वॉईस रिकॉर्डिंग कर ली, जिसमें वह स्पष्ट रूप से उनसे ब्याज पर रुपये देने व मनमानी धनराशि वसूलने व देने से मना करने पर अपने स्तर से धनराशि वसूलने की बात कर रहा है।
नीरजा सिंह ने बताया कि उनके द्वारा जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि ओमदत्त शर्मा टायर पंचर की दुकान बलाता है। उसने उनके द्वारा दिये गये ब्लैंक चैक में 5,60,000 रुपये की धनराशि भरकर अपने नाम से उक्त चैक बिजनौर में लगा दिया, बाद में चैक बाउन्स का नोटिस उन्हें दिनांक 07.07.2023 को भिजवा दिया जिसका उचित जबाव उन्होंने दिनांक 09.08.2023 को अपने अधिवक्ता द्वारा उक्त ओमदत्त शर्मा को भिजवा दिया और इस सम्बन्ध में ओमदत्त शर्मा से मुकदमा ना करने की फोन पर बात कही, किन्तु ओमदत्त शर्मा ने उनकी एक ना सुनी और बिजनौर न्यायालय में उनके विरुद्ध चैक बाउन्स का मुकदमा कर दिया।
नीरजा सिंह ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की जानकारी सतपाल सिंह को दी तो वह कहने लगा कि ओमदत्त शर्मा मेरी नहीं सुन रहा है, आप बिजनौर आ जाओ मैं जमानतियों की व्यवस्था कर दूंगा, तुम अपनी जमानत करा लो।
नीरजा सिंह ने बताया कि उन्हें भरोसा है कि ओमदत्त शर्मा ने साजिशन उनके साथ ठगी व धोखाधड़ी करने के आशय से उनके ब्लैंक चैक का दुरुपयोग कर 5,60,000 रुपये की धनराशि स्वयं भरी है और उन्हें परेशान करने के आशय से बिजनौर में जाकर उनक चैक बैंक में लगाया है। उनके पास उक्त मामले की सभी रिकॉर्डिंग मौजूद है, उक्त ओमदत्त शर्मा सूदखोरी कर उनके जैसों को अपने जाल में फंसा लेता है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।
एसपी के आदेश पर आईटीआई थाना पुलिस ने ओमदत्त शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई शंकर सिंह बिष्ट के हवाले की है।



