सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : क्षेत्र के पीरूमदारा का चौराहा दुर्घटनाओं का अड्डा बना हुआ है। डिवाइडर पर रेडियम स्टीकर रिफ्लेक्टर न होने के चलते आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।

आपको बताद दें कि एनएच 309 पर स्थित पीरूमदारा एवं टांडा चौराहा जो कि आजकल दुर्घटनाओं का अड्डा बनता दिख रहा है, जहां आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। कईं बार स्थानीय लोगों द्वारा पीरूमदारा एवं टांडा चौराहे पर डिवाइडरों पर रेडियम रिफ्लेक्टर स्टीकर लगाने की संबंधित विभाग से अपील कर चुके हैं बावजूद इसके अभी तक कोई भी कार्य न होने से स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि हाईवे पर अक्सर तेज रफ्तार से गाड़ियां चलती हैं, उनको डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिसके चलते डिवाइडरों से टकराकर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के संभल के एसडीम विकास चंद्र व उनकी पत्नी दीक्षा की कार पीरूमदारा स्थित डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी, जिसके चलते एसडीएम की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इससे पूर्व भी कई जानलेवा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, परंतु प्रशासन एवं सड़क निर्माण एजेंसी का इस और कोई ध्यान नहीं जा रहा। यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।
सोचने वाली बात यह है कि आखिर सड़क निर्माण के दौरान डिवाइडरों पर रेडियम स्टीकर व रिफ्लेक्टर आदि क्यों नहीं लगाए गए तथा दैनिक सुरक्षा नियमों के मानकों की आखिर अनदेखी कब तक होती रहेगी।



