विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : काशीपुर में रजिस्ट्रियों पर लगी रोक हट गई है, अब मंगलवार से पूर्व में मान्य दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री हो सकेगी। वहीं, अब नगर निगम में दुकान/मकान का दाखिल खारिज भी बिना 2% शुल्क के शुरु हो गया है।
मेयर दीपक बाली ने आज अपने कैम्प कार्यालय में एक प्रेस वार्ता कर उक्त की जानकारी दी। मेयर बाली ने बताया कि विगत दिनों डीएम द्वारा हाउस टैक्स की रसीद के जरिए होने वाली रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई थी। महापौर ने बताया कि हाउस टैक्स की रसीद पर रजिस्ट्री बंद होने से जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। किसी को मकान बेचना था, तो किसी को बेटी की शादी या रोजगार के लिए संपत्ति का उपयोग करना था, लेकिन रजिस्ट्रियां ठप होने से सब काम रुक गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मुद्दे पर चर्चा के बाद जिलाधिकारी और एडीएम के स्तर पर समाधान निकाला गया है। अब मंगलवार से रजिस्ट्री कार्यालय खुलते ही रजिस्ट्रियां सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। जिनके पास अपनी मकान या दुकान की रजिस्ट्री नहीं थी और वे उसे पूर्व के नियमानुसार हाउस टैक्स की रसीद के माध्यम से बेचना चाहते थे।
मेयर ने बताया कि उनके द्वारा किये गये प्रयास के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के आदेश पर रजिस्ट्रियों पर लगी रोक को हटा दिया गया है और अब मंगलवार (कार्यदिवस) से पहले की तरह ही रजिस्ट्रियां शुरु हो जायेंगी।
वहीं, मेयर दीपक बाली ने बताया कि निगम ने दाखिल खारिज हेतु पूर्व में निर्धारित 2% शुल्क लिये बिना मकान/दुकान का दाखिल खारिज करना शुरु कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अपनी पहली बोर्ड मीटिंग में 2% दाखिल खारिज शुल्क को समाप्त कर उसे अनुमोदन के लिए सरकार के पास भेज दिया गया था। जब तक सरकार से अनुमोदन नहीं हो जाता तब तक एक एफिडेविट (जिसमें यह लिखा जायेगा कि यदि सरकार द्वारा दाखिल खारिज का अनुमोदन किसी कारणवश नहीं हुआ तो वह उस शुल्क को अदा कर देंगे) देकर अपने मकान/दुकान का दाखिल खारिज महज 1000 रुपये का फाइल चार्ज देकर करा सकते हैं।
वहीं, मेयर दीपक बाली ने बताया कि जिले भर में जितनी भी अनाधिकृत कालोनियां हैं, उनके लिए भी सरकार समाधान योजना लाकर न टाइम सैटलमेंट की नीति अपनाकर अधिकृत करने का काम करेगी। जिससे लाखों लोग जिन्हें अपने मकान टूटने का डर है या वे नक्शा पास न होने के कारण बैंक से लोन न हो पाने के कारण मकान नहीं बना पा रहे हैं, लाभांवित होंगे।



