
बागपत (महानाद) : टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसे में पिटाई से नाराज एक किशोरी ने मौलवी शहजाद के गोद लिए 11 महीने के बेटे दलहा की शनिवार की रात को कपड़े में लपेटकर बेड में रजाई समेत अन्य कपड़ों के नीचे दबा कर हत्या कर दी। गहरी छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी किशोरी को गिरफ्तार कर लिया है।
आपको बता दें कि टांडा गांव स्थित दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसे में 40 किशोरियां मदरसे में ही रहकर धार्मिक तालीम हासिल कर रही हैं। रविवार की सुबह मदरसे के मौलवी शहजाद का11 माह का बेटा दलहा गायब था। मौलवी ने दलहा को मुजफ्फर नगर के चरथावल निवासी अपने साले सरताज से गोद लिया था।
जब दलहा कहीं नहीं मिला तो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में आरोपी किशोरी शनिवार की रात्रि के लगभग 12ः08 बजे मदरसे में बने हॉल से उठकर मौलवी शहजाद के कमरे में जाती हुई दिखी और फिर 52 सेकेंड बाद बाहर निकलकर वापस अपने हॉल में आकर सो गई। किशोरी से पूछताछ करने पर किशोरी ने बताया कि उसने दलहा की हत्या कर उसे बेड में रजाई सहित अन्य कपड़ों के नीचे दबा दिया है।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में किशोरी ने बताया कि एक महीने पहले चोरी से रखे गए मोबाइल पर बात करने पर मौलवी शहजाद और उसकी पत्नी ने उसकी पिटाई कर दी थी और उसके परिजनों को भी बुलाकर पिटवाया था। जिस पर उसने मौलवी को सबक सिखाने की ठान ली और मौका मिलने पर शनिवार की रात को उसके बेटे के हत्या कर दी।
मौलवी शहजाद ने बताया कि उसके परिवार में तीन बेटियां हैं और उसकी ससुराल मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल गांव में है। उसके साले सरताज का अपनी पत्नी से विवाद हो गया था और उनके बीच 7 महीने पहले तलाक भी हो गया था। तलाक होने के बाद ट्रक चालक सरताज के सामने 4 माह के बेटे दलहा के पालन पोषण की समस्या बन गई। जिस पर मौलवी शहजाद ने सरताज के बेटे को गोद ले लिया था।



