हरिद्वार (महानाद) : प्रशासन ने गालीबाज ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है।
उक्त आदेश जारी करते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यालय के पत्र दिनांक 12 अगस्त, 2025 द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, विकास खण्ड खानपुर अकिंत कुमार से एक सप्ताहान्तर्गत स्पष्टीकरण माँगा गया था कि वह अधोहस्ताक्षरी को प्राप्त एक ऑडियो क्लिप में किसी व्यक्ति से गाली-गलौच करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इतना समय व्यतीत होने के उपरान्त भी अंकित कुमार द्वारा आतिथि तक अपना इस संबंध में कोई भी प्रतिउत्तर इस कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया है। इस प्रकार अंकित कुमार के विरुद्ध उक्त अभिकथन इतने गम्भीर है कि इनके स्थापित हो जाने पर अंकित कुमार को दीर्घ शास्ति दी जा सकती है।
एक शासकीय कर्मचारी के लिए किसी व्यक्ति से फोन पर इस प्रकार की अभद्र भाषा और गाली-गलौच किया जाना कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के पूर्णतया विपरीत है। इसके साथ ही इस संबंध में कोई भी स्पष्टीकरण इतना समय व्यतीत हो जाने के बाद भी ना दिया जाना अंकित कुमार की अनुशासनहीनता को परिलक्षित करता प्रतीत हो रहा है।
अतः अंकित कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पं.) बहादराबाद के कार्यालय में सम्बद्ध किया जाता है। निलम्बन अवधि में अंकित कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 में 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता, अर्ध औसत वेतन/वेतन पर देय मंहगाई भत्ता भी देय होगा। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते निलम्बन काल में इस शर्त पर देय होगें कि सम्बन्धित कमचारी द्वारा इन मदों पर वास्तव में व्यय किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप ऐसे प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।
उपरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लेखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब अंकित कुमार इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करेंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति या व्यवसाय में नहीं लगे है। इस सम्बन्ध में आरोप पत्र पृथक से निर्गत किया जाएगा।


