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Friday, February 27, 2026
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जसपुर : वाहनों के नकली बीमे बनाने वाला पंजाबी कालोनी निवासी अंकित शर्मा गिरफ्तार

जसपुर (महानाद) : पुलिस ने वाहनों का नकली बीमे बनाने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

आपको बता दें कि दिनांक 27.09.2019 को आदित्य कुमार ने पंजाबी कालोनी निवासी अंकित शर्मा पुत्र सुनील कुमार शर्मा से अपनी मोटरसाईकिल यूके18 ई-3772 का इंश्यूरेंस करवाया। जिसपर अंकित ने उसे यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपी का बीमा दिया और 1006 रुपये ले लिए।

दिनांक 26.06.2020 को आदित्य कुमार की मोटरसाईकिल से पशुपति फैक्ट्री की तरफ एक बच्चे विपिन कुमार का एक्सीडेंट हो गया जिसमें उसकी मृत्यु हो गयी थी। मामले में कोतवाली जसपुर में एफआईआर सं. 217.2020 धारा 379/304ए आईपीसी बनाम आदित्य कुमार के खिलाफ पंजीकृत किया गया था। जिसके बाद आदित्य कुमार ने उक्त पालिसी को अन्य कागजातों के साथ में मुकदमे में जमा कर दिया गया। न्यायालय जसपुर के समक्ष बीमा कम्पनी को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया तो आदित्य कुमार का बीमा फर्जी पाया गया जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर आदित्य कुमार के जीजा भुवन भाष्कर गहलौत की तहरीर के आधार पर कोतवाली जसपुर में अंकित शर्मा के खिलाफ एफआईआर सं. 409/2022 धारा 420 आईपीसी के तहत दर्ज करवाया गया।

जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक जसपुर के नेतृत्व में मामले की जांच एसआई जावेद मलिक के सुपुर्द की गयी। मलिक द्वारा ठोस साक्ष्य संकलन करते हुए पाया गया कि दीपक कुमार वर्मा ने अपनी कार हुंडई आई 10 यूके 18ए-0670 का बीमा 5850 रुपये अंकित शर्मा के एकाउंट में ट्रांसफर करके करवाया गया था। अंकित शर्मा ने उनकी कार को मोटरसाईकिल दिखाकर बीमा कर दिया।

इसी प्रकार से अटल बिहारी ने अपनी पत्नी कुसुम की मोटरसाईकिल यूके18 डी-2024 का इंश्युरेंश कराने के लिए 1000/- रुपये पेटीएम से अंकित शर्मा को दिये थे। परन्तु अंकित शर्मा ने उन्हें भी नकली बीमा दे दिया।

जांच के बाद मुकदमा उपरोक्त में धारा 406/467/468/471 आईपीसी की बढोतरी करते हुए अभियुक्त अंकित शर्मा को उसके घर पंजाबी कालोनी से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक लैपटाप बैग, एक लैपटाप व फोन बरामद कर जेल भेज दिय ागया।

अपील- आप सभी से अनुरोध है कि अपने वाहन का बीमा कराते हुए उस पर बने बार कोड को बार कोड स्कैनर एप्लीकेशन से स्कैन करें, स्कैन करने के बाद आपकी पॉलिसी की सभी जानकारी जैसे वाहन स्वामी का नाम, पता, वाहन का नम्बर, पॉलिसी की कम्पनी का नाम, पॉलिसी का अमाउंट आदि स्पष्ट रुप से दिख जाना चाहिए। यदि ऐसा नही होता तो अपनी बीमा कम्पनी के कार्यालय में जाकर तुरन्त तस्दीक करायें। आपका बीमा फर्जी तरीके से तैयार किया हुआ हो सकता है।

फर्जी बीमें ी जानकारी होने पर तुरन्त थाने में सूचना दें। प्रायः यह जानकारी मौखिक रुप से प्राप्त हो रही है कि लोगो द्वारा पैसै बचाने के लिए भी बीमा एजेन्ट से मिलकर कार, ट्रक, बस, डम्पर आदि की बीमा पॉलिसी मोटरसाईकिल दिखाकर के करवाई जा रही है ताकि बीमे के पैसे बचाये जा सकें। ऐसे तरीके से बीमा बनाने वाले व बनवाने वाले लोगों के विरुद्ध भविष्य में कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

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