सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : उत्तराखण्ड एसटीएफ एवं रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने छोटे प्रधान की हत्या में वांछित 10 हजार के ईनामी अपराधी व शूटर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि शूटर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी वर्ष 2016 में रुद्रपुर में हुए चर्चित छोटे प्रधान हत्याकाण्ड व वर्ष 2017 में रामनगर में पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग के अपराध में शामिल था, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के उपरान्त कोर्ट से भगोड़ा घोषित होने पर विदेश भाग गया था।
विदित हो कि डीजीपी उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में जघन्य अपराधों में लम्बे समय से वांछित इनामी/भगोड़े अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे सघन अभियान के चलते एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर को विशेष रूप से निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के क्रम में एसटीएफ की कुमायूँ यूनिट द्वारा आज कोतवाली रामनगर पुलिस के साथ एक ज्वाइंट ऑप्रेशन में ईनामी/भगोड़े अपराधी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र अवतार सिंह निवासी मनतारापुर, थाना हस्तिनापुर, जिला मेरठ को रामनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
उक्त जानकारी देते हुए एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लरने बताया कि एसटीएफ की गठित टीम द्वारा प्राप्त तकनीकी तथा भौतिक सूचनाओं का विश्लेषण करते हुये पिछले 1 माह से काम करते हुए अपने अथक प्रयास से उक्त अपराधी की गिरफ्तारी की गयी। गिरफ्तार अपराधी के विरुद्ध पूर्व में उत्तराखण्ड के रुद्रपुर व रामनगर तथा पंजाब के मोहाली व अमृतसर में हत्या, जान से मारने के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट व आर्म्स एक्ट के कुल 6 मुकदमें पंजीकृत हैं जिसमें सम्बन्धित थानों से उसकी गिरफ्तारी के उपरान्त जमानत में छूटने पर वह फरार हो गया था और विदेश भाग गया था। जिस पर सम्बन्धित उत्तराखण्ड व पंजाब के विभिन्न न्यायालयों द्वारा उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिये गये थे। गुरप्रीत उर्फ गोपी एक पेशेवर भाड़े का हत्यारा है, वर्ष 2016 में रुद्रपुर में इसके द्वारा दिनदहाड़े अपने साथियों के मिलकर छोटे लाल नामक प्रधान की कांन्ट्रेक्ट किलिंग की गयी थी और 2017 में इसके द्वारा रामनगर में रोके जाने पर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गयी थी।
एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी द्वारा दिनांक 27 जुलाई 2017 को जनपद के रामनगर थाना क्षेत्रान्तर्गत अपने साथियों के साथ पुलिस पार्टी के ऊपर जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायर किये गये, जब पुलिस द्वारा उन्हें पुलिस नाके पर रोकने की कोशिश की गयी थी, हालांकि इस घटना में किसी पुलिस कर्मी को कोई चोट नहीं आयी थी। घटना की एफआईआर रामनगर कोतवाली में पंजीकृत हुयी थी बाद में पुलिस द्वारा अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी की गयी। गोपी जमानत के उपरान्त फरार हो गया, काफी समय तक फरार रहने के बाद न्यायलय रामनगर द्वारा उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्थायी वारंट जारी किया गया था। पूर्व में इस पर उनके द्वारा भी गिरफ्तारी हेतु ईनाम घोषित किया गया था। जिसकी आज जनपद पुलिस व एसटीएफ द्वारा एक संयुक्त अभियान के तहत गिरफ्तारी की गयी। उसकी गिरफ्तारी की सूचना उत्तराखण्ड व पंजाब के विभिन्न थानों में दी गयी है।
उत्तराखण्ड एसटीएफ टीम – इंस्पेक्टर एमपी सिंह, एसआई बृजभूषण गुररानी, हे.कां. जगपाल सिंह, रियाज अख्तर, कां. गुरवंत सिंह
कोतवाली रामनगर पुलिस टीम – कोतवाल अरुण कुमार सैनी, एसएसआई मनोज नयाल, कां. विपिन शर्मा, भूपेन्द्र तथा ललित शामिल थे।



