सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : हाईकोर्ट की सख्ती के बाद विगत 23 अक्टूबर 2025 को छोई में हुई घटना के मुख्य आरोपी भाजपा नेता मदन जोशी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
प्रेस को जारी बयान में रामनगर पुलिस ने बताया कि दिनांक 23.10.2025 को छोई में मुख्य अभियुक्त मदन मोहन जोशी द्वारा भीड़ को उत्तेजित कर एक घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया। एक डीप फ्रिजर पिकअप में वैध कागजात (लाइसेन्स शुदा) में लाए जा रहे पशु मांस को गाय का मांस की अफवाह उड़ाकर भीड़ को गुमराह व उत्तेजित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि भीड़ द्वारा उक्त वाहन के चालक को पीट-पीट कर अधमरा कर जानलेवा हमला किया गया एवं वाहन को क्षतिग्रस्त किया गया, डायल 112 की सूचना पर रामनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची चालक को उत्तेजित भीड़ से छुड़ाकर संरक्षण मे लेकर प्राथमिक उपचार कराया गया तथा वाहन को अपने संरक्षण मे थाने लाया गया।
पुलिस ने बताया कि मीट की प्रारम्भिक जाँच पशु चिकित्सक से करायी गई, चिकित्सक द्वारा अपनी प्रारम्भिक जाँच मे उक्त पिकअप में भरे पशु मांस को भैंस का मांस होना बताया। तदोपरान्त चोटिल की पत्नी की तहरीर पर धारा 109/190/191(2)/115(2)/351(2)/352/61 (2)/324 (4) बीएनएस बनाम मदन मोहन जोशी आदि पंजीकृत किया गया।
पुलिस ने बताया कि हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा उक्त घटना का संज्ञान लेने पर एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी द्वारा एसआईटी का गठन कर घटना में तकनीकी विश्लेषण मैनुएल साक्ष्य संकलन एव सीसीटीवी / वीडियो का अवलोकन कर साक्ष्य संकलन किया गया। कुछ लोगों द्वारा उक्त घटना का सोशल मीडिया में लाइव प्रसारण भी किया गया। दौरान विवेचना अभियोग में 5 नामजद व 11 प्रकाश में आए कुल 16 अभियुक्त प्रकाश में आए जिनमें से 14 अभियुक्तगणों को रामनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया तथा 2 अभियुक्तों द्वारा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया गया।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी मदन मोहन जोशी द्वारा भीड़ एकत्रित कर भीड़ को गुमराह व उत्तेजित कर उक्त मोब लिंचिंग जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया। उक्त घटना के सम्बन्ध में हाईकोर्ट नैनीताल में विभिन्न पीआईएल दाखिल हुई जिस क्रम में हाईकोर्ट के निकट पर्यवेक्षण व निर्देशन मे विवेचना प्रचलित रहीं रामनगर पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी मदन मोहन जोशी के विरुद्ध गैर जमानतीय वारण्ट प्राप्त किया गया।
पुलिस ने बताया कि मोहन जोशी के बादस्तूर फरार होने के उपरान्त धारा 84 बीएनएसएस, कुर्की की कार्यवाही के उपरान्त धारा 85 बीएनएसएस (कुर्की वारण्ट) हेतु कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। विवेचना से प्रदर्शित हुआ कि मुख्य आरोपी मदन मोहन जोशी द्वारा एक सोची समझी साजिश के तहत भीड़ को गुमराह कर मोब लिंचिंग जैसी घिनौनी घटना को अंजाम देकर चालक पर जानलेवा हमला कर अधमरा किया गया। जिसका मुख्य आरोपी द्वारा लाइव प्रचार प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से कर लोगों की भावना को उत्तेजित किया गया। हाई कोर्ट नैनीताल द्वारा मुख्य आरोपी के रिट पिटीशन व अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज किया गया।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी मदन मोहन जोशी द्वारा इस मुकदमे में कहीं से भी राहत न मिलने के कारण मजबूरीवश आज दिनांक 25.11.2025 को थाना रामनगर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। जिसे पुलिस द्वारा नियमानुसार गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। हाई कोर्ट द्वारा उक्त घटना व विवेचना का सीधा व सख्त पर्यवेक्षण किया जा रहा है। भविष्य में कोर्ट की अनुमति से विस्तृत पूछताछ व तकनीकी साक्ष्य संकलन किया जाएगा, विवेचना प्रचलित है।



