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Wednesday, May 13, 2026
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उत्तराखंड में चल रहा फर्जी शस्त्र लाइसेंस का खेल

देहरादून (महानाद) : उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बड़ी कार्यवाही करते हुए फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 फर्जी शस्त्र लाईसेन्स, 1 अवैध सैमी ऑटोमैटिक पिस्टल .30 बोर व 5 कारतूस बरामद किये हैं। उक्त गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाईसेंस बनवाकर व फर्जी एनओसी के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य में रजिस्टर्ड कराकर असली के रुप में प्रयोग किया जा रहा था। प्रयोग।

आपको बता दें कि उत्तराखण्ड में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों द्वारा फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाईसेंस बनवाकर फर्जी एनओसी के आधार पर राज्य में शस्त्र लाईसेंस रजिस्टर्ड कराकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की सूचना पर एसटीएफ द्वारा थाना क्लेमनटाऊन, देहरादून में मुकदमा दर्ज करवाकर संदिग्ध अभियुक्त की तलाश की गयी व अपराध में संलिप्त अभियुक्त अमित यादव पुत्र डालचन्द यादव निवासी फ्लैट नं. 807, हनुमन्त रेजीडेंसी, शिमला बाईपास, देहरादून को गिरफ्तार कर लिया।

उक्त जानकारी देते हुए एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि एसटीएफ को पिछले कुछ समय पूर्व सूचना प्राप्त हुई थी कि बाहरी राज्यों से अपराधी किस्म के लोगों द्वारा फर्जी तरीके से अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाईसेन्स प्राप्त कर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराये गये हैं। इस सूचना की जांच व कार्यवाही हेतु टीम नियुक्त की गयी। टीम द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून, मेरठ व पंजाब आदि राज्यों से पत्राचार कर जानकारी की गयी।

प्राप्त सूचनाओं आदि से एक शस्त्र लाईसेन्स का जिला अमृतसर, पंजाब से स्थानान्तरण होने के उपरान्त वर्ष 2017 में जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून की शस्त्र पंजिका में अंकन होना पाया गया। इस सम्बन्ध में गहन जांच व और अधिक जानकारी करने पर ज्ञात हुआ है कि उक्त शस्त्र लाईसेन्स अमृतसर पंजाब से बना ही नहीं है, जिस पर टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए सूचना के आधार पर सुरागरसी-पतारसी कर उपरोक्त लाईसेन्स धारक अमित यादव उपरोक्त को शिमला बाईपास रोड, देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान पता चला है कि बड़े स्तर बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाईसेन्स बनाकर उत्तराखण्ड राज्य के कई जनपदों में दर्ज कराये गये हैं, उक्त गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के जिलाधिकारी कार्यालयों की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराये गये फर्जी लाईसेन्सों/संलिप्त व्यक्तियों के बारे में जानकारी कर आगे कार्यवाही की जायेगी।

एसएसपी ने बताया कि अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। उक्त के अतिरिक्त बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आये शस्त्र लाईसेन्स एवं ऐसे आपराधिक प्रवृति के लोग जिनकी गतिविधियां उत्तराखण्ड राज्य में है, उन सभी शस्त्र लाईसेन्स धारकों पर एसटीएफ की पैनी नजर है।

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