सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रामनगर पहुंचे तथा कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला व तराई पश्चिमी वन विभाग के फाटो जोन में जंगल सफारी के दौरान उन्होंने वन्य जीवन की अद्भुत और रोमांचकारी झलक ली तथा वन्य जीवों का दीदार किया तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत एक अनोखी पहल करते हुए वन विभाग की टीम, स्थानीय लोगों एवं पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से 1000 से अधिक पेड़ों को लगाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने वन विभाग की टीम से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ये वनकर्मी वन्य जीव तथा वनों की सुरक्षा में अपना अहम योगदान देते हैं।
इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य में जंगल सफारी पर्यटन को एक नई पहचान मिली है। देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में उत्तराखंड की ओर आ रहे हैं, जिसके चलते लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वन और वन्य जीव हमारी धरोहर हैं। उत्तराखंड न केवल रोमांचक स्थल बनता जा रहा है बल्कि पर्यावरण चेतना का केंद्र भी बन रहा है।
इस दौरान रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा नेता इंदर सिंह रावत, मीडिया प्रभारी अशोक गुप्ता, नगर अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह खाती, पूर्व मंत्री दिनेश मेहरा, पूर्व नगर अध्यक्ष भावना भट्ट, संजय बिष्ट, आशा बिष्ट, संजय डोर्बी आदि मौजूद थे।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला एवं झिरना रेंज का भ्रमण किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम लालढांग चौड़ मे वॉच टावर पर पहुंचे, वहाँ पर उनके द्वारा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व मे वन्य जीव सुरक्षार्थ की जा रही गश्त, ड्रोन मॉनिटरिंग, वन्य जीवों के वास स्थल प्रबंधन आदि के विषय मे जानकारी प्राप्त कर वन्य जीवों हेतु बनाये गए वाटरहॉल/वाटरबॉडी का अवलोकन भी किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री चीला रेंज अंतर्गत फीका चौकी पहुंचे, वहाँ पर हाथी गश्ती दल, स्निफर डॉग स्क्वायड तथा स्टाफ के साथ संवाद कर मानसून काल में गश्त और वन्य जीव सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु अपनाई जा रही तकनीक एवं इसमे आने वाली चुनौतियों के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उनके द्वारा स्वयं गश्ती दलों के साथ पैदल गश्त कर वनकर्मियों का उत्साहवर्धन भी किया गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने वन महोत्सव के शुभ अवसर पर वनकर्मियों के साथ वन्य जीवों हेतु फलदार पौधो का रोपण किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ वन्य जीवों के लिए भोजन का भी प्रबंध किया जा सके इसके बाद तराई पश्चिम वन प्रभाग अंतर्गत फाटो रेंज का भी भ्रमण किया गया। अंत मे ढेला गेट पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक वृक्ष माँ के नाम थीम के तहत पौधरोपण किया।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. साकेत बडोला (भा.व.से.) निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा वन एवं वन्य जीव सुरक्षा, वन्य जीव संरक्षण, वन्यजीवों के प्राकृतिक वास स्थलों का प्रबंधन, कैमरा ट्रैप मॉनिटरिंग पर्यटन गतिविधि आदि के सम्बन्ध मे विस्तृत जानकारी दी गयी।
इस मौके पर राहुल मिश्रा, उपनिदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, अमित ग्वासीकोटी पार्क वार्डन, बिन्दर पाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़, नंदकिशोर रूबाली, वन क्षेत्राधिकारी झिरना रेंज, नवीन चन्द पांडेय, वनक्षेत्राधिकारी ढेला रेंज, नवीन पपनै वन दरोगा, सिद्धार्थ वन दरोगा, संतोष बिष्ट वन आरक्षी, अजीत चौहान वन आरक्षी आदि अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।



