सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक क्लीनिक और पैथोलोजी लैब को सील कर दिया। वहीं छापे की खबर मिलते ही कई झोलाछाप डॉक्टर अपने-अपने क्लीनिक बंद कर फरार हो गये।
आपको बता दें कि जसपुर निवासी एडवोकेट सरफराज हुसैन ने खताड़ी, रामनगर स्थित एक क्लीनिक के विरुद्ध शिकायत की थी। शिकायत के चलते डिप्टी सीएमओ श्वेता भंडारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामनगर क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध छापामार अभियान चलाते हुए एक क्लीनिक एवं एक पैथोलोजी लैब को सीज कर दिया। वहीं, जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी की जानकारी मिली कई झोलाछाप डॉक्टर अपने-अपने क्लिनिक बंद कर फरार हो गए।
मामले की जानकारी देतं हुए डिप्टी सीएमओ डॉक्टर श्वेता भंडारी ने बताया कि छप्पर वाली मस्जिद, खताड़ी स्थित एक क्लीनिक के विरुद्ध शिकायत मिली थी, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अवैध दवाइयों का भंडार मिला है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर मौके से फरार हो गया था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक क्लीनिक एवं एक पैथोलॉजी लैब के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है, आगे भी झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत मिलने के बावजूद ही क्यों कार्रवाई की। यदि शिकायत ना मिलती तो क्या यह झोलाछाप डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते रहते। आखिर क्षेत्र में फर्जी क्लिनिक कैसे चल रहे हैं। अब देखना यह है कि जिन फर्जी क्लीनिक और लैब के विरुद्ध कार्रवाई की गई है क्या वह बंद रहेंगे या कुछ दिन बाद ही फिर शुरू हो जाएंगे।



