विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : कांग्रेस नगर अध्यक्ष रायशुमारी में 95 प्रतिशत वोट पाने वाले को दरकिनार कर बाहरी के दबाव में बनाये गये नगर अध्यक्ष को वरिष्ठ कांग्रेसियों ने नकार दिया और आलाकमान को चेतावनी दी कि यदि उसने अपना फैसला नहीं बदला तो वह अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।
आपको बता दें कि विगत दिनों कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने राज्यसभा सासंद शक्ति सिंह गोहिल को उत्तराखंड के सभी जिलाध्यक्षों के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बना कर भेजा गया था। जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से जिलाध्यक्ष/नगर अध्यक्ष पदों के लिए रायशुमारी की थी। इसी क्रम में उन्होंने काशीपुर में भी रायशुमारी की थी जिसमें 95 प्रतिशत कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने वैश्य समाज के कांग्रेस कार्यकर्ता और अग्रवाल सभा काशीपुर के अध्यक्ष के नाम पर अपनी सहमति जताई थी। लेकिन आलाकमान ने रायशुमारी को दरकिनार कर काशीपुर में बाहरी व्यक्ति के दबाव में आकर अलका पाल को नगर अध्यक्ष बना दिया। जिससे कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी नाराज हो गये और उन्होंने एक निजी होटल में एकत्रित होकर आलाकमान के फैसले का विरोध करते हुए नगर अध्यक्ष को बदलने की मांग की।
कांग्रेसजनों का कहना है कि जिन्हें नगर अध्यक्ष बनाया गया है, उन्होंने मेयर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी संदीप सहगल का विरोध किया था। एक महिला नेत्री ने कहा कि उक्त नगर अध्यक्ष द्वारा कहा जा है कि ‘उन्हें मीटिंग में मत बुलाना’।

कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी रहे संदीप सहगल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता आज खुद को नेता-विहीन महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी के संगठन अभियान से सभी को उम्मीद जगी थी कि कार्यकर्ताओं की राय से नगर अध्यक्ष चुना जाएगा, लेकिन जो निर्णय हुआ, वह पार्टी कार्यकर्ताओं/अधिकारियों की इच्छा के खिलाफ है। आलाकमान के इस फैसले से कांग्रेस परिवार विचलित है और यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो कई ब्लॉक अध्यक्ष, महिला पदाधिकारी और पार्षद इस्तीफा देने को तैयार हैं।
सहगल ने कहा कि अलका पाल पहले से ही कई पदों पर कार्य कर रही हैं। वे प्रदेश महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पीसीसी मेंबर और राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उन्हें महानगर अध्यक्ष बनाना संगठन के भीतर असंतुलन पैदा
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि आलाकमान ने किसी महिला को ही यह जिम्मेदारी देनी है तो पार्टी में मीनू गुप्ता, रौशनी बेगम, दीपिका गुड़िया सहित अन्य कई महिलायें हैं जा ये जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
आपको बता दें कि हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलका पाल को नगर अध्यक्ष बनाये जाने को लेकर जिस बाहरी व्यक्ति का दबाव बताया, उन्होंने उनका नाम तो नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि वह रामनगर निवासी अनुपम शर्मा हैं, जो काफी समय से काशीपुर में सक्रिय हैं और 2027 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर काशीपुर से लड़ने से इच्छुक हैं।
इस दौरान, संदीप सहगल एडवोकेट, मनोज अग्रवाल, इन्दू मान, अरुण चौहान, मीनू गुप्ता, दीपिका गुड़िया, जय सिंह गौतम, गौतम मेहरोत्रा, राशिद फारुखी, सचिन नाडिग, सुशील गुड़िया, पूजा गुप्ता, अशोक सक्सैना, ब्रह्मा सिंह पाल, शफीक अहमद अंसार, महेन्द्र लोहिया, अख्तर अली एडवोकेट आदि भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।



