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Tuesday, February 24, 2026
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उत्तरकाशी में चल रहे प्राकृतिक आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की डीजीपी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

Search and Rescue अभियान के incident commander I.G. SDRF को ठोस रणनीति बनाकर कार्यवाही के दिए निर्देश
सुहानी अग्रवाल
देहरादून (महानाद) : पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय, देहरादून स्थित सभागार में उत्तरकाशी के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की प्रथम चरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उत्तरकाशी जनपद में राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु भेजे गये पुलिस की विभिन्न शाखाओं — SDRF, फायर सर्विस, पीएसी, दूरसंचार, आदि के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं टीम लीडर्स शामिल हुए।
बैठक के दौरान, पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों- ADG L/O, IG PAC, IG SDRF, IG Telecom, IG Fire, IG L/O, IG SDRF, IG Garhwal Range,DIG L/O आदि से राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन जानकारी ली तथा घटनास्थल पर कार्यरत बलों द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि विपरीत परिस्थितियों, मार्ग अवरोधों और मौसम की चुनौतियों के बावजूद पुलिस, SDRF, फायर और अन्य एजेंसियों ने आपसी समन्वय से बड़ी संख्या में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला और आवश्यक राहत सामग्री समय पर पहुँचाई।
बैठक में दूसरे चरण की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई और यह निर्णय लिया गया कि राहत एवं बचाव के दूसरे चरण में Search & Rescue Operation पर विशेष फोकस किया जाएगा। उक्त अभियान हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा अरूण मोहन जोशी, पुलिस महानिरीक्षक, SDRF को धराली/ हर्षिल में समग्र खोज एवं बचाव अभियान (Search & Rescue) का Incident Commander तथा अर्पण यदुवंशी, कमाण्डेन्ट, SDRF को Deputy Incident Commander नियुक्त किया गया है।
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक द्वारा Incident Commander (Search & Rescue) को DM /SP उत्तरकाशी, सेना/आईटीबीपी/NDRF/BRO/PWD/स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य समस्त एजेंसियों से समन्वय करते हुए घटनास्थल को अलग अलग सेक्टर में बांटकर उनका दायित्व निर्धारित करते हुए ठोस रणनीति बनाकर खोज एवं बचाव की कार्यवाही करने हेतु निम्न निर्देश दिए गए:
सर्च और रेस्क्यू अभियान में गति लाने के लिए SDRF, फायर, PAC और पुलिस बल की पर्याप्त संख्या को धराली और हर्षिल घटनास्थल में रणनीतिक रूप से तुरंत तैनात किया जाए।
स्थानीय नागरिकों, ग्राम प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लापता व्यक्तियों की सटीक सूची तैयार की जाए। इस सूची के आधार पर खोज अभियान की प्राथमिकता तय करते हुए और आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
घटनास्थल पर मौजूद गहरे, खतरनाक और सल्श क्षेत्रों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल रेड फ्लैग कर लिया जाए, ताकि सर्च ऑपरेशन के दौरान विशेष उपकरणों का उपयोग कर खोजबीन की जा सके।
 ड्रोन, थर्मल इमेजिंग कैमरे, विक्टिम लोकेटिंग कैमरे और डॉग स्क्वाड जैसी तकनीकी एवं मानव संसाधन क्षमता का पूर्ण उपयोग कर सर्च अभियान तेज किया जाए।
पुलिस महानिदेशक ने सभी को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने और प्रत्येक गतिविधि की रीयल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आवश्यकता या आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।

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