रुद्रपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने एक डॉक्टर पर उसके पुत्र को गलत इंजेक्शन लगाने के कारण हुई मौत का दोषी बताया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। वहीं, डॉक्टर क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया है।
फौजी मटकोटा, भूरारानी, थाना रुदपुर निवासी रमेश शर्मा पुत्र माया राम शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि दिनांक 24.07.2025 की दोपहर के लगभग 2.00 बजे उसका पुत्र अंशुल शर्मा सर्दी जुकाम के उपचार हेतु भंजू राम स्कूल के निकट, भूरारानी, रुद्रपुर में डाक्टर गुरदीप के क्लीनिक पर गया था। डॉ. गुरदीप स्वयं को एमबीबीएस डिग्री धारक चिकित्सक बताता है।
रमेश शर्मा ने बताया कि डॉ. गुरदीप ने उसके पुत्र को देखने के पश्चात एक इन्जेक्शन लगाया, जिसके लगाते ही उसका पुत्र अंशुल वहीं पर बेहोश हो गया, जिसके बाद उसके पुत्र के मुँह से झाग आने लगा और उसका पूरा शरीर नीला पड़ गया। लोगों के इकट्ठा होने पर किसी ने उसे फोन पर इसकी सूचना दी, जिसके पश्चात वह और उसके परिजन क्लीनिक पर पहुँचे जहाँ उसका पुत्र बेहोशी की स्थिति में पडा था और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गयी थी।
रमेश ने बताया कि तब वह अपने पुत्र को नारायण अस्पताल, रुद्रपुर लाया, जहां पर वेंटीलेटरर आदि का उपचार देकर उसे राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा के लिए रेफर कर दिया। उनके द्वारा अपने पुत्र को राममूर्ति अस्पताल ले जाने से पूर्व उक्त गुरदीप डॉक्टर को इन्जेक्शन की जानकारी से अवगत होने के लिए बुलाया, ताकि उसके अनुसार उपचार हो सके, लेकिन वह अस्पताल छोड़ कर फरार हो गया।
रमेश ने बताया कि वह अपने पुत्र को श्री राममूर्ति अस्पाताल, भोजीपुरा ले गया जहां पर चिकित्सकों द्वारा उसके पुत्र का दिनांक 24.07.2025 से 28.08.2025 तक उपचार किया, परन्तु कोई सुधार न होने के कारण उन्होंने उसे फोर्टिस अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया किन्तु फोर्टिस अस्पताल दिल्ली में भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और दिनांक 30.07.2025 को रात्रि लगभग 10.15 बजे चिकित्सकों द्वारा उसके के पुत्र को मृत घोषित कर दिया।
रमेश ने बताया कि यह भी ज्ञात हुआ है कि उक्त डॉक्टर गुरदीप उर्फ गुरमीत सिंह द्वारा 15 वर्ष से क्नीनिक संचालित किया जा रहा है तथा पूर्व में वह मरीजों का गलत उपचार के कारण मरीजों की मृत्यु करा चुका है। उसके द्वारा उक्त चिकित्सक द्वारा किये गये गलत उपचार व चिकित्सक के प्रति कार्यवाही करने हेतु समस्त विवरण की सूचना दिनांक 29.07.2025 को कोतवाली रुदपुर में दे दी गयी थी, तत्समय उसका पुत्र जीवित था। उक्त डॉ. गुरदीप की घोर लापरवाही के चलते किये गये उपचार के कारण उसके पुत्र के शरीर के सभी ऑर्गन निष्क्रिय होने से उसके पुत्र की मृत्यु हो गयी है। वर्तमान तक चिकित्सक द्वारा दिये गये इन्जेक्शन का विवरण भी ज्ञात नही कराया गया है, जिससे गुरदीप साक्ष्य मिटा सकता है।
रमेश शर्मा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई देवेन्द्र मेहता के हवाले की है।
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