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Friday, February 20, 2026
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बड़ी कार्रवाई : आबकारी आयुक्त आईएएस आरव गोपी कृष्ण सहित 11 अधिकारी सस्पेंड

दिल्ली (महानाद) : दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आबकारी नीति को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए घोटाले के आरोप में आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन आबकारी आयुक्त दानीक्स आनंद कुमार तिवारी सहित 11 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। उक्त कार्रवाई आबकारी नीति को लागू करने में हुई चूक को लेकर की गई है। उपराज्यपाल ने विजिलेंस विभाग को अधिकारियों के खिलाफ सस्पेंशन और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मंजूरी दे दी है।

बता दें कि आज दिल्ली के डिप्टी सीएम एवं आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस को जानकारी देते हुए स्वीकार किया कि दिल्ली सरकार को नई आबकारी नीति 2021-22 के तहत ‘हजारों करोड़ रुपए’ का नुकसान हुआ है। इसके लिए उन्होंने उपराज्यपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 17 नवंबर 2021 से लागू हुई नई व्यवस्था पर अंतिम क्षण में यू-टर्न ले लिया। सिसोदिया ने कहा कि सीबीआई को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि 2021-22 आबकारी नीति को लागू करने से पहले दो बार फाइल को उपराज्यपाल के पास भेजा गया था। पहली बार तत्कालीन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कुछ सुझावों और बदलावों के साथ फाइल वापस भेज दी थी, जिसे दिल्ली सरकार ने शामिल कर लिया था। सिसोदिया ने कहा कि एलजी द्वारा सुझाए गए आवश्यक बदलाव करने के बाद, फाइल को नवंबर के पहले हफ्ते में दूसरी बार भेजा गया था। नई नीति को 17 नवंबर 2021 से लागू किया जाना था और एलजी ने लॉन्च से ठीक 48 घंटे पहले 15 नवंबर 2021 को फाइल वापस कर दी और हमें इसमें एक बड़ा बदलाव करने के लिए कहा। एलजी ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में शराब की दुकानों को अनुमति देने के लिए हमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और नगर निगम से अनुमति लेनी होगी।

सिसोदिया ने कहा कि इस कारण दिल्ली सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ क्योंकि अनधिकृत कॉलोनियों में खुलने वाली करीब 300-350 दुकानें नई व्यवस्था के तहत कभी नहीं खुल पाईं। जिसके फलस्वरूप दिल्ली में शराब की दुकानें खोलने में कामयाब रही कुछ कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया, जबकि कुछ को नुकसान हुआ। नई आबकारी नीति का प्राथमिक उद्देश्य शराब की दुकानों के असमान वितरण को समाप्त करना था, जो एलजी के निर्णय की वजह से कभी नहीं हो सका। एलजी के अचानक बदलाव का कारण कुछ निजी कंपनियों या व्यक्तियों को जानबूझकर लाभ पहुंचाना हो सकता है।

वहीं मनीष सिसोदिया के आरोपों के कुछ मिनट बाद ही एलजी कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के तत्कालीन आबकारी आयुक्त, आईएएस अधिकारी आरव गोपी कृष्ण और दानिक्स अधिकारी आनंद कुमार तिवारी, उप आबकारी आयुक्त के खिलाफ प्रमुख अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने को मंजूरी दे दी है।

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