हल्द्वानी (महानाद) : आईजी कुमायूँ परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल की अध्यक्षता में आज हल्द्वानी में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में कुमायूँ रेंज के सभी एसएसपी/एसपी, राजपत्रित अधिकारी एवं क्षेत्राधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों का निस्तारण, महिला शवों की शिनाख्त, गुमशुदगी, नशा विरोधी अभियान, विवेचना की गुणवत्ता और आगामी त्योहारों व छात्रसंघ चुनावों की कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के प्रमुख बिंदु –
1. अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त –
– पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त अभियान की गहन समीक्षा।
– डीएनए प्रोफाइलिंग, फेस रिकग्निशन तकनीक, फोटो प्रसार व स्थानीय मीडिया/सोशल मीडिया का सहयोग लेने के निर्देश।
– किसी शव की पहचान अधर में नहीं रहनी चाहिए, हर पीड़ित परिवार को न्याय व मिलना चाहिए।
2. लंबित वाहनों का निस्तारण –
– 1 जून 2025 से चल रहे लंबित वाहनों के निस्तारण अभियान की समीक्षा।
– एक माह के भीतर सभी लंबित वाहन न्यायालय की अनुमति से नीलामी/स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश।
– थानों के मालखानों में पड़े वाहन डेड स्टॉक नहीं हैं, यह न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता का प्रतीक हैं।
3. एनडीपीएस मालों का निस्तारण –
– 2015 तक के लंबित एनडीपीएस माल शीघ्र निस्तारित करने के आदेश।
– अदालतों के आदेशों के अनुरूप डिस्पोजल हेतु विशेष ड्राइव चलाने के निर्देश।
– एनडीपीएस मामलों में जब्त माल लंबे समय तक सुरक्षित रखना सुरक्षा और विधिक दोनों दृष्टि से जोखिमपूर्ण है।
4. गुमशुदा महिलाएँ/बालिकाएँ एवं केस ऑफिसर स्कीम –
– गुमशुदगी मामलों को प्राथमिकता पर रखते हुए केस ऑफिसर स्कीम लागू करने के निर्देश।
– थाना स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
– हर बेटी सुरक्षित घर लौटे,दृ यही पुलिस का संकल्प है।
5. विवेचना, क्षेत्राधिकारियों का कार्य एवं ओ.आर. –
– आईजी ने लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताई और कहादृकि ‘बहाने नहीं, नतीजे चाहिए’
– प्रत्येक क्षेत्राधिकारी को साप्ताहिक ओ.आर. बैठक आयोजित कर विवेचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश।
– अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड के गोष्ठी के क्रम में 6 माह से अधिक लम्बित विवेचना, शिकायती प्रार्थना पत्र एवं विभागीय जाँचों का 15 दिवस में निस्तारित करने के आदेश
बैठक में एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा, एसएसपी उधम सिंह नगर मणिकान्त मिश्रा, एसएसपी अल्मोड़ा देवेन्द्र पींचा, एसपी चम्पावत अजय गणपति, एसपी पिथौरागढ़ रेखा यादव, एसपी बागेश्वर चन्द्रशेखर घोड़के, एसपी क्रइम रुद्रपुर निहारिका तोमर तथा अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पूर्व आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने सभी थाना प्रभारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी लेकर आगामी छात्र संघ चुनाव, नन्दा अष्टमी एवं बाराबफात के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिये।
उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी छात्र संघ चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराया जाये। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी अथवा अवांछनीय गतिविधि न हो, इसके लिए प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि गुंडा तत्व किसी भी प्रकार के हथियार -लाठी, डंडा, पिस्टल अथवा तमंचाकृउठाने से पहले 10 बार सोचें, ऐसा भय और नियंत्रण पुलिस की सख्त कार्यवाही से ही सम्भव है। यदि चुनाव के दौरान फायरिंग अथवा कोई अन्य गंभीर आपराधिक घटना घटित होती है और उसमें पुलिस की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध 24 घंटे के भीतर निलंबन की कार्यवाही तय होगी।
वहीं, आईजी ने कहा कि नन्दा देवी मेले की तैयारियों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से हरिद्वार की मंशा देवी जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिये। पार्किंग, सीसीटीवी, बिजली की तारों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण आदि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सम्बन्धित विभाग से एफिडेविट के रूप में सुनिश्चित करायी जाये।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पूर्व में दिये गये आदेशों के बावजूद कई थाना प्रभारियों द्वारा सिर्फ कागजों में खानापूर्ति की जा रही है। इसे अस्वीकार्य बताते हुए पुनः कड़े लहजे में कहा गया कि बीडीएस, क्यूआरटी व डॉग स्क्वाड के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी गश्त व चेकिंग अवश्य करायी जाये।
उन्होंने कहा कि चिटफंड, कमेटी, किटी पार्टी अथवा किसी भी संस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर जनता का धन हड़पने वाले व्यक्तियों की एक सूची तैयार कर अगले दो माह में जनपद प्रभारियों को उपलब्ध करायी जाये, ताकि उनके विरुद्ध ठोस कानूनी कार्यवाही हो और जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो।
आईजी ने स्पष्ट किया कि मिशन संवाद प्रत्येक पुलिसकर्मी के लिए है। पुलिस बल की मानसिक समस्याओं और तनाव को कम करने के लिए विशेष एप तैयार किया गया है, जिसका उपयोग कर कर्मियों को राहत एवं परामर्श उपलब्ध कराया जायेगा।



