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Tuesday, February 24, 2026
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काशीपुर : मेयर दीपक बाली की धर्मपत्नी उर्वशी दत्त बाली का मिसेज इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता में चयन

विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : मेयर दीपक बाली की धर्मपत्नी एवं डी बाली ग्रुप की डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली का चयन मिसेज इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए हो गया है। उक्त प्रतियोगिता आगामी 15 जून 2025 से कजाकिस्तान में शुरू होगी और 5 दिन तक चलेगी। इस प्रतियोगिता के निर्णायक फिल्म स्टार सलमान खान के भाई अरबाज खान होंगे। प्रतियोगिता में केवल सुंदरता को ही मापक नहीं माना जाता बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी आधार माना जाता है। कुल मिलाकर तन की सुंदरता नहीं बल्कि मन की स्वच्छता और मन की सुंदरता होना भी बहुत जरूरी होता है। आप सामाजिक और पारिवारिक जीवन का कैसा निर्वाह करते हैं, उसको भी प्रतियोगिता में चयन का आधार माना जाता है

बता दें कि उर्वशी दत्त वाली ने राजस्थान के जयपुर में 19 दिसंबर 2024 को हुई सौंदर्य प्रतियोगिता में रैंप पर चलकर क्राउन जीत कर देवभूमि के साथ-साथ काशीपुर का भी नाम रोशन किया था। देश भर की करीब 2,000 महिलाओं में से जो 120 महिलाएं इस सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए चुनी गई थीं उसमें से वे एक थीं। काशीपुर के इतिहास में यह पहला अवसर था जब यहां की किसी महिला ने सौंदर्य प्रतियोगिता में क्राउन जीता हो।

उर्वशी बाली ने बताया कि जब वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता का क्राउन जीतकर काशीपुर पहुंची तो उनकी पुत्री मुद्रा खुशी के मारे उनसे लिपट गई थी और जब इस बार मौका मिसेज इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता का आया तो मेरी बेटी ने मुझे इस प्रतियोगिता में जाने के लिए बहुत प्रोत्साहित किया, क्योंकि जिस तरह माता-पिता अपने बच्चों की सफलता पर खुश होते हैं, बच्चे भी माता-पिता की सफलता पर इतने ही खुश होते हैं। इसलिए बेटी ने बार-बार जिद करके मुझे इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित कर दिया और जब मैंने कजाकिस्तान में 15 जून 2025 से होने जा रही मिसेज इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए आवेदन किया तो मेरी बेटी बहुत खुश हुई और उसने कहा कि मम्मा मैं भी आपके साथ चलूंगी।

उर्वशी दत्त बाली बताती हैं कि ‘एक मां अपनी बेटी के लिए रोल मॉडल होती है’ मां सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा होती है। बेटी के पहले शब्द से लेकर उसकी पहली उड़ान तक, मां हर कदम पर उसकी मार्गदर्शक होती है। मां का स्नेह, उसकी संघर्षशीलता और बिना शर्त प्यार बेटी को यह सिखाता है कि जीवन की हर चुनौती का सामना हिम्मत और धैर्य से करना चाहिए। अगर बेटी को आत्मविश्वास से जीना है, तो वह अपनी मां को देखती है। अगर बेटी को त्याग और समर्पण सीखना है, तो वह अपनी मां को देखती है। अगर बेटी को अपने सपनों के लिए लड़ना है, तो वह अपनी मां को देखती है। मां के आदर्श, उसका संयम और उसकी जिद बेटी के व्यक्तित्व को आकार देते हैं। इसलिए कहा जाता है – ‘एक मां अपनी बेटी के लिए उसका पहला और सबसे बड़ा रोल मॉडल होती है।’

उर्वशी ने बताया कि मिसेज इंटरनेशनल प्रतियोगिता में केवल सुंदरता ही मापक नहीं है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने को भी एक आधार माना जाता है। बाली ने कहा कि कई लड़कियां सिर्फ अपनी सुंदरता पर ध्यान देती हैं जबकि उन्हें सबसे पहले यह देखना चाहिए कि अपने आप को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए? उन्हें सोचना चाहिए कि स्त्रियों का सुंदर होने से ज्यादा जरूरी आत्मनिर्भर होना जरूरी है और अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता का उद्देश्य भी यही है।

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