विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : अगर आप कर्मों में विश्वास रखते हैं, तो आइए और इस जन्म में किसी और की किस्मत भी बदलकर जाइए। आप मंदिर, गुरुद्वारा और कई धार्मिक स्थानों पर जाते है और वहाँ सेवा देकर आते हैं। थोड़ी-सी सेवा इन बच्चों के लिए भी कीजिए और अपना थोड़ा सा समय इन मासूम बच्चों को भी दीजिए। आपके थोड़े से प्रयास से किसी का जीवन सचमुच बदल सकता है क्योंकि इन मासूम बच्चों के सिर पर न बाप का साया ह और न मां का सहारा। कुछ अनाथ हैं, कुछ को रास्तों पर छोड़ दिया गया और कुछ मजबूरी में अपने घरों से दूर हो गए हैं।
ऐसे 50 बेसहारा बच्चों की जिम्मेदारी ली है डी बाली ग्रुप की डायरेक्टर उर्वशी बाली ने, और इस नेक कार्य में सहयोग दे रहे हैं डॉ. रवि सहोता, शांतनु चिकारा, जगमोहन (बंटी) , रजनी ठाकुर, नीलम चोचान, रमा गर्ग, दीपक चतुर्वेदी, रॉयल पंजाबी ग्रुप, हिंदू वाहिनी संगठन, मिनी डेकोरेशन वाले चरनप्रीत, मोनालिसा ब्यूटी सैलून, संजीवनी हॉस्पिटल, राजीव चौधरी तथा यूएसआर स्कूल की पूरी टीम।
आपको बता दें कि इन बच्चों के लिए विशेष क्लासेज की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है ताकि यह बच्चे और ज्यादा पढ़ लिखकर कोई हुनर सीख सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
उर्वशी बाली ने समाज की सक्षम संस्थाओं और सक्षम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने हुनर से किसी बच्चे का भविष्य बदलें जैसे पढ़ाना, डांस, म्यूजिक, कंप्यूटर, आर्ट, स्पोर्ट्स, हैंडराइटिंग, मोटिवेशन आदि। आपका थोड़ा सा समय किसी बच्चे की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।
उर्वशी बाली कहती हैं कि सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है लिहाजा आपके घर में जो निष्प्रयोज्य सामग्री जैसे 6 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक के बच्चों के गर्म कपड़े, स्वेटर, जैकेट, जर्सी, जुराबें, चप्पल व जूते, पुराने कंबल, गर्म पानी की बोतल, जो भी आपके काम का न हो वह इन बच्चों को भेंट स्वरूप देकर इनकी मदद करें। क्योंकि जो चीज आपके उपयोग की नहीं वें इन बेसहारा बच्चों की जिंदगी बचाने में मददगार हो सकती है।
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