सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटो और हाथी डगर इको टूरिज्म जोन एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। 1 अक्टूबर से शुरू हुई जंगल सफारी को लेकर पर्यटकों में उत्साह देखने को मिला। विधायक दीवान सिंह बिष्ट तथा डीएफओ तराई पश्चिमी पुनीत तोमर ने पर्यटन जोन का शुभारंभ किया। एक लंबे इंतजार के बाद जंगल में पहुंचे पर्यटक टाइगर और दूसरे वन्यजीवों को करीब से देखने की उम्मीद के साथ सफारी पर रवाना हुए। फाटो ओर ढेला पर्यटन जोन खुलने से नेचर गाइड जिप्सी चालकों के चेहरों पर चमक देखी गई।

बता दे कि बरसात के कारण बंद चल रहे तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटो और हाथी डगर टूरिज्म जोन एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर खोल दिए गए हैं। शुभारंभ के मौके पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट और डीएफओ पुनीत तोमर मौजूद रहे। फाटो जोन में सुबह की पाली में 50 और शाम की पाली में 50 जिप्सियों को सफारी की अनुमति है। वहीं, हाथी डगर जोन में सुबह और शाम की पाली में 25-25 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराएंगी।
इस बार फाटो आने वाले पर्यटकों के लिए नाइट सफारी भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगी, फाटो में ट्री हाउस पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। यहां दो ट्री हाउस में तीन कक्ष हैं, इसके अलावा पांच इको हट, ब्रिटिश बिल्डिंग में चार कक्ष, ओल्ड बिल्डिंग में दो कक्ष और पांच टेंट हाउस उपलब्ध हैं। इस तरह पर्यटकों के ठहरने के लिए कुल 19 कक्ष उपलब्ध हैं।
वहीं, नए सीजन के साथ फाटो और हाथी डंगर जोन में मोबाइल फोन को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब पर्यटक अपने मोबाइल फोन जंगल सफारी के दौरान अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे। उन्हें फोन निर्धारित लॉकर में जमा करना होगा।
1 अक्टूबर को सुबह की पाली में जंगल सफारी पर जा रहे दिल्ली से आए पर्यटकों ने बताया कि वे बच्चों को जंगल और वन्यजीव दिखाने के लिए पहुंचे हैं, पर्यटकों ने कहा कि वे खास तौर पर टाइगर देखने को लेकर उत्साहित हैं और जंगल सफारी का अनुभव लेने के लिए काफी उत्सुक हैं।
मानसून के बाद पर्यटन जोन खुलने से नेचर गाइडों में भी खुशी है, उनका कहना है कि लंबे समय बाद एक बार फिर उन्हें रोजगार से जुड़ने का अवसर मिला है।
विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि बारिश के कारण सफारी मार्गों को नुकसान पहुंचा था, जिन्हें ठीक करने के बाद एक अक्टूबर से पर्यटन जोन को खोल दिया गया है। उन्होंने पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यटक हमारे मेहमान हैं और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन से केवल जिप्सी चालक और गाइड ही नहीं, बल्कि जिप्सी मालिक, ड्राइवर, मैकेनिक, चाय-रेस्टोरेंट संचालक और स्थानीय दुकानदारों समेत बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इसलिए पर्यटकों के साथ बेहतर व्यवहार से पूरे क्षेत्र के पर्यटन और रोजगार को लाभ मिलेगा।



