बिहार (महानाद) : गयाजी जिले में तैनात एसआई अनुज कश्यप के सुसाइड मामले में पुलिस ने एसआई स्वीटी कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अनुज कश्यप के पिता ने एसआई स्वीटी पर पहले से शादीशुदा अनुज पर उससे शादी करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। पूछताछ के दौरान स्वीटी ने अनुज पर शादी के लिए दवाब बनाने की बात स्वीकारी है।
आपको बता दें कि एसआई अनुज कश्यप गयाजी एसएसपी ऑफिस में मीडिया सेल के प्रभारी थे। अनुज गिनती एक होशियार और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में होती थी। सुसाइड करने से पहले भी उन्होंने रात्रि के 9.35 बजे अपना लास्ट प्रेस नोट जारी और फिर 8 अगस्त को उन्होंने अपने किराये के कमरे में सुसाइड कर लिया।
मामले में मृतक अनुज कश्यप के पिता ने आरोप लगाया कि गयाजी के बेलागंज थाने में तैनात एसआई स्वीटी कुमारी द्वारा लगातार अनुज को परेशान किया जा रहा था। 2 साल पहले अनुज की शादी हो गई थी और उसकी पत्नी दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही है। स्वीटी कुमारी द्वारा लगातार अनुज को अपनी पत्नी को तलाक देने के लिए परेशान किया जा रहा था।

मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर एसआई स्वीटी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि दोनों के बीच सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, वह अनुज पर शादी का दवाब बना रही थी, लेकिन अनुज शादीशुदा होने के कारण उससे दूरी बना रहा था। जिसके बाद अनुज ने वीडियो कॉल पर गर्लफ्रेंड स्वीटी के सामने ही कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
विदित हो कि वर्ष 2021 में अनुज और स्वीटी की पहली पोस्टिंग इमामगंज थाने में हुई थी। यहां दोनों की मुलाकात हुई और फिर दोनों के बीच काम के सिलसिले में बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे यह बातचीत प्यार में बदल गई। दोनों ड्यूटी खत्म होने के बाद एक साथ घूमते थे और रेस्टोरेंट में खाना भी खाते थे। दोनों के प्यार के किस्से फैले तो अधिकारियों ने दोनों का ट्रांसफर अलग-अलग जगह कर दिया।
इस बीच अनुज की शादी हो गई। अनुज की पत्नी दिल्ली में रहकर यूपीएससी कह पढ़ाई कर रही है। जिस कारण अनुज गया में ही अपने किराए के मकान में रहते थे। पत्नी से दूरी बढ़ी तो एक बार फिर से उनके दिल के तार स्वीटी से जुड़ गये और स्वीटी उनसे मिलने उनके कमरे पर आने लगी। अनुज के सुसाइड वाली रात भी स्वीटी और अनुज के बीच बातें हो रही थीं, इस बीच दोनों का झगड़ा हो गया और अनुज ने रात में ही वीडियो कॉल में स्वीटी के सामने ही पंखे से लटक कर जान दे दी।



