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Thursday, January 29, 2026
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सनातन संस्कृति का ध्वजवाहक, राष्ट्र की आर्थिक व सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है वैश्य समाज : मुख्यमंत्री धामी

  • ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री धामी
  • स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिलेगा बल : धामी
  • वैश्य समाज हमेशा सरकार के साथ मिलकर विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा : मुख्यमंत्री

सुहानी अग्रवाल
देहरादून (महानाद) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को जीएमएस रोड, देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा आयोजित दीपावली मेले में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराजा अग्रसेन जी को नमन करते हुए उपस्थित जनों को दीपावली की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का एक विशिष्ट माध्यम है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर और बुराई से अच्छाई की ओर जाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्य समाज सदियों से सनातन संस्कृति का ध्वजवाहक बनकर संपूर्ण समाज में सहयोग, सौहार्द और विकास का प्रकाश फैला रहा है। वैश्य समाज हमारे राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है। वैश्य समाज ने हमेशा सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक कार्यों के विस्तार के लिए दिल खोलकर सहयोग किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन इस मेले के माध्यम से न केवल व्यापार को प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि सामाजिक एकता, स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन और लोकसंस्कृति के संरक्षण का भी कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में एक ओर जहां हमारी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न को साकार करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने राज्य में अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे आज राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है। हमने राज्य हित में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं। हमने देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता’ को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

धामी ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध हैं। हमने प्रदेश में इस सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। हमनें 550 के करीब अवैध मजारों को ध्वस्त किया है, वहीं वन भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई 2 अवैध मस्जिदों को भी हटाया है। इसके अतिरिक्त, हमारी सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आप सभी से ये आग्रह करना चाहता हूँ कि आप सभी प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें। यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए वैश्य समाज के मेरे सभी परिवारजन इसी प्रकार हमारी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते रहेंगे और हम सभी मिलकर हमारे इस संकल्प को सिद्ध करने में अवश्य सफल होंगे।

कार्यक्रम में विनोद चमोली, खजान दास, प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, व्यापारी, स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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