रुद्रपुर (महानाद) : एक युवक ने जसपुर-काशीपुर सहित 7 युवकों पर उसे विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 7 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जोच शुरु कर दी है।
ग्राम बिन्दुखेड़ा, रुद्रपुर जिला उधम सिंह नगर निवासी जसप्रीत सिंह पुत्र इकबाल सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मई 2023 में उसकी मुलाकात विशाल कुमार शर्मा पुत्र राजपाल सिंह निवासी धरमपुर, जसपुर हाल निवासी-आकांक्षा गार्डन, काशीपुर से उनके कार्यालय खड़कपुर देवीपुरा, काशीपुर में हुई। उक्त विशाल कुमार शर्मा ने उसे बताया कि वह और उसका मित्र आवेज पुत्र नसीम जावेद निवासी मौहल्ला कटोराताल, छिद्दी हलवाई के पास, काशीपुर वर्किंग एवं टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजने का कार्य करते हैं, जिसके बाद उसने अपने एक मित्र आयुष्मान सिंह पुत्र संतोष कुमार निवासी गली नं.-05, सिंह कालोनी, रुद्रपुर को भी वर्किंग वीजा पर अपने साथ न्यूजीलैंड चलने के लिए सहमत किया। उसे व उसके मित्र को न्यूजीलैंड भेजने का खर्चा उक्त विशाल कुमार शर्मा एवं आवेज द्वारा अट्ठाईस लाख रुपये बताया, जिसमें वर्किंग वीजा, न्यूजीलैंड का एयर टिकट व अन्य फण्ड शामिल थे।
जसप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी बातों से सहमत होकर उसने 11 लाख रुपये व आयुष्मान ने 2 लाख रुपये उक्त विशाल कुमार शर्मा व मौ. आवेज के खाते में अलग-अलग तिथियों पर जमा कर दिये। दिनाँक 04.04.2024 को उक्त लोगों द्वारा उसे व आयुष्मान सिंह को न्यूजीलैंड का वर्किंग वीजा उपलब्ध करा दिया, परन्तु उसके व उसके मित्र द्वारा बार-बार उक्त लोगों को फोन किया गया उसके पश्चात भी लगभग एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद उक्त लोगों द्वारा प्रार्थी व उसके मित्र को एयर टिकट उपलब्ध नहीं कराया गया।
जसप्रीत सिंह ने बताया कि दिनांक 29.12.2024 को उक्त लोगों द्वारा उसे फोन कर एक पंचायत बुलायी गई जिसमें 3 अन्य लोग विमल, आशीष चौहान, शोहेल को विशाल कुमार शर्मा और आवेज की तरफ से बुलाया गया तथा 3 लोग जगमोहन सिंह, कुलविन्दर सिंह, बेअन्त सिंह उसके व उसके मित्र की तरफ से बुलाये गये तथा अमरजीत सिंह को दोनों की सहमति से पंचायत में बुलाया गया। उक्त पंचायती अमरजीत सिंह व आशीष चौहान ने उसे व उसके मित्र को आश्वासन दिया कि उसकी रकम की भरपाई करने के लिए विमल कुमार के कब्जे एवं स्वामित्व का एक प्लॉट 2000 स्क्वायर फिट स्थित खड़कपुर देवीपुरा, काशीपुर को देने की बात कही गई और पंचायत के समक्ष यह भी तय हुआ कि उक्त प्लाट की वर्तमान कीमत 24 लाख रुपये है, जिसमें से वह व आयुष्मान सिंह अपने 13 लाख रुपये कम करके शेष धनराशि 11 लाख रुपये विमल कुमार को अदा कर देंगे, उसके उपरान्त वह उक्त प्लाट की रजिस्ट्री बैनामा अपने नाम करा लेगा।
जसप्रीत सिंह ने बताया कि उसके द्वारा पंचायत के उपरान्त तय हुई शेष धनराशि 11 लाख रुपये अमरजीत सिंह, विमल कुमार, आशीष चौहान के कहने पर अलग-अलग तिथियों पर विमल के खाते में 8,43,000 रुपये व आशीष चौहान के खाते में 25,000/-रुपये अमरजीत सिंह के खाते में 60,000 रुपये व कमेन्द्र कुमार जो कि रजिस्ट्री का काम करता है के खाते में 50,000 रुपये इस आशय से डलवाये गये कि यह रकम आने के उपरान्त विमल कुमार इस प्लॉट की रजिस्ट्री उसके नाम कर देंगे।
जसप्रीत सिंह ने बताया कि उसके द्वारा रकम अदा करने के बाद उक्त लोगों से प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम पर करने को कहा तो उक्त लोगों द्वारा टाल मटोल कर बात को टाला गया, बहुत समय बीत जाने के बाद जब उसने उक्त प्लाट की छानबीन करी तो पता चला कि वह प्लॉट पहले से ही किसी ओर के नाम पर क्रय हो चुका है। जिसपर उसके द्वारा कई बार उक्त लोगों से सम्पर्क कर पंचायते की गईं परन्तु उक्त लोगों द्वारा उसको यह कहकर टाला गया कि हम आपका सारा पैसा जल्द से जल्द लौटा देंगे।
जसप्रीत सिंह ने बताया कि दिनांक 23.09.2025 को आशीष चौहान व विमल कुमार रुद्रपुर आये और उससे बोले कि हमारी पुलिस के साथ सांठ गांठ है, तुमसे जो होता है, तुम कर लो, हम तुम्हारा एक भी पैसा वापिस नहीं करेंगे, हमने पूर्व में भी कई लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगा है, वो आज तक हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाये, तुम भी क्या ही कर लोगे। उसने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए उसकी रकम वापस दिलाये जाने की मांग की है।
जसप्रीत सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उपरोक्त 7 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई सुरेन्द्र सिंह के हवाले की है।



