रुद्रपुर (महानाद) : चर्च के पास कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बच्ची की मां, नानी और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बच्ची के बीमार होने और इलाज का खर्च उठाने में असमर्थता जताई है।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का जन्म 16 अक्टूबर की रात को बिलासपुर के एक अस्पताल में हुआ था। 17 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्ची को घर ले जाने के बजाय उन्होंने बच्ची को सिंह कॉलोनी स्थित सेंट जॉन चर्च के पास छोड़ दिया।
17 अक्टूबर को डायल 112 पर सूचना मिली कि सिंह कॉलोनी की गली नंबर एक स्थित चर्च रोड पर खड़ी कार के नीचे कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया।
मामले में रुद्रपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सोमवार को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के आजादनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान शीतल (23), उसकी मां लीलावती (45) और मुनीश पाल (30) के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं आजाद नगर, ट्रांजिट कैंप की निवासी हैं। वहीं, मुनीश पाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के भगवन्तपुर का रहने वाला है और वर्तमान में आजाद नगर में रह रहा था।
सीओ सिटी के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि दोनों महिलाएं मुनीश पाल की मोटरसाइकिल से नवजात बच्ची को चर्च के पास लेकर गई थीं। बच्ची बीमार थी और डॉक्टर ने इलाज का खर्च अधिक बताया था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। इसी वजह से बच्ची को कार के नीचे छोड़ गये।



