बाजपुर (महानाद) : करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कमिश्नर के आदेश पर एक प्रोपर्टी डीलर के खिलाफ 3 मुकदमे दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पहले मामले में पूजा कन्याल पुत्री मदन सिंह कन्याल ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को शिकायती पत्र देकर बताया कि जनता दरबार में किये गई हस्तक्षेप के बावजूद, मुख्य आरोपी अनिल सेन ने आपके आदेशों की पूरी तरह अनदेखी कर दी है।
पूजा कन्याल ने बताया कि दिनांक 21 सितंबर 2024 को उसके माता-पिता जनता दरबार में उपस्थित हुए, जहाँ आपने मुख्य आरोपी अनिल सेन व बाजपुर पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी घटना सुनी। उसकी पृष्ठभूमि की जाँच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि वह एक श्रृंखलाबद्ध ठग (सीरियल फ्रॉडस्टर) है। इसके बाद आपने अनिल सेन को आदेश दिया कि वह दिसंबर 2024 तक संपूर्ण राशि मेरे माता-पिता को वापस करे।
पूजा ने बताया कि दिसंबर 2024 बीत जाने के बावजूद, आरोपी ने कोई भुगतान नहीं किया और आपके आदेश की अवहेलना की। इसके पश्चात, फरवरी 2025 में मेरे पिता पुनः जनता दरबार में उपस्थित हुए, जहाँ आपने आरोपी अनिल सेन की कार जब्त कर ली और उसे 15 दिनों के भीतर पूरी राशि लौटाने की अंतिम चेतावनी दी।
पूजा ने बताया कि अब एक महीने से अधिक बीत चुका है, लेकिन अनिल सेन ने एक भी पैसा नहीं लौटाया। वह अब भी आपके आदेशों की अनदेखी कर रहा है, जिससे मेरे वृद्ध माता-पिता को अत्यधिक मानसिक और आर्थिक कष्ट उठाने पड़ रहे हैं। मेरे पिता वरिष्ठ नागरिक (76 वर्ष) होने के कारण बार-बार इस प्रक्रिया से गुजरना बहुत कठिन हो रहा है। उसने मांग की है कि अनिल सेन द्वारा बार-बार आदेशों की अवहेलना को देखते हुए, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा मेरे माता-पिता को उनकी संपूर्ण राशि शीघ्रातिशीघ्र लौटाने हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ।
पुलिस ने उक्त मामले में अनिल सेन के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई अशोक कांडपाल के हवाले की है।
दूसरे मामले में विमला कन्याल पत्नी मदन सिंह कन्याल निवासी हल्द्वानी, जिला नैनीताल ने बताया कि उनका जमीन का सौदा अनिल चन्द्र सेन पुत्र जय चन्द्र सेन निवासी हरिपुरा, बाजपुर से साल 2021 में हुआ था। जिसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने जमीन बेचकर 67 लाख रुपये हड़प लिये और न पैसे लौटा रहा है और न ही जमीन।
विमला ने बताया कि इसकी सूचना दिनांक 28 सितम्बर 2024 को कुमाऊँ कमिश्नर के कार्यालय में दी गई थी तथा दोनों पक्षों को बुलाया गया था और कागजों की जांच के बाद कमिश्नर के द्वारा आदेश दिये गये कि अक्टूबर माह में 15 लाख, नवम्बर में 15 लाख तथा दिसम्बर में शेष धनराशि का भुगतान अनिल चन्द्र सेन द्वारा किया जायेगा। अभी तक उनके द्वारा कोई भी धनराशि हमें प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने अनिल सेने से उनकी हमारी धनराशि वापस दिलवाने की मांग की है। कमिश्नर के आदेश पर पुलिस ने अनिल सेने के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई कविन्द्र शर्मा के हवाले की है।
तीसरे मामले में देवी दयाल ने कमिश्नर दीपक रावत को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके पिता स्व. चनीराम पुत्र मनीराम के द्वारा वर्ष 2012 में अनिल चन्द्र पुत्र जय चन्द्र निवासी हरिपुरा, बाजपुर द्वारा अपनी भूमि खेत रकवा ढाई एकड़, मौजा पहाड़पुर, बाजपुर स्थित क्रय की गयी थी। तथा उक्त भूमि की रजिस्ट्री उसके पिता के नाम पर हो चुकी थी तथा विक्रेता अनिल चन्द्र के द्वारा उक्त भूमि की दाखिल खारिज उसके पिता के नाम करवाकर देनी की बात कही गयी और उक्त भूमि पर स्वयं खेती करते आ रहा था और उसका ठेका कुछ वर्ष देते आ रहा था।
उसने बताया कि इसके बाद उसके पिता की मृत्यु हो गयी। जब उसके द्वारा उक्त भूमि की दाखिल खारिज आदि कागजात उक्त अनिल चन्द्र से मांगे तो उसके द्वारा नहीं दिये गये। जब उसने स्वयं इसकी जानकारी ली तो पता चला कि उक्त अनिल चन्द्र द्वारा उसके पिता को विक्रय की गयी भूमि किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय कर उसकी रजिस्ट्री आदि कर दी गयी। जब उसके द्वारा उक्त अनिल चन्द्र से कहा गया तो वह उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये कहने लगा कि तुम्हारी यहाँ पर कोई जमीन नही है अगर ज्यादा कुछ बोलोगे तो जान से मरवा दूँगा।
कमिश्नर के आदेश पर पुलिस ने देवी दयाल की तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई कविन्द्र शर्मा के हवाले की है।



