रामनगर (महानाद): जमीन की धोखाधड़ी कर 80 लाख रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने कमिश्नर दीपक रावत के आदेश पर 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
ब्लॉक रोड, निकट बड़ी मस्जिद, खताड़ी, रामनगर (नैनीताल) निवासी अब्दुल मुस्तफा पुत्र अब्दुल जब्बार ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पड़ोसी वसीक पुत्र अतीकुर रहमान निवासी खताड़ी, रामनगर द्वारा अरुण कुमार मासीवाल, जगदीश कुमार मासीवाल, योगेश कुमार मासीवाल, नरेन्द्र कुमार मासीवाल से मिलवाया, उन्होंने बताया कि उन लोगों की लगभ्ीाग 9.5 बीघा जमीन ग्राम उदयपुरी चोपड़ा तहसील रामनगर में स्थ्ति है, बिकाऊ है। क्योंकि उसने कुछ समय पूर्व ही अपनी पुश्तैनी भूमि बेची थी और उससे मिले पैसे को निवेश करना चाहता था, इसलिए उन लोगों की बातों में आकर सौदे के लिए राजी हो गया।
अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि उक्त चारों लोगों ने उसे विश्वास दिलाया कि जमीन मौके की है और हर तरफ से पाक साफ है और भूमि पर कोई विवाद नहीं है। जिसके बाद उसने दिनांक 10.01.2024 को उक्त लोगों द्वारा बनाये गये इकरारनामे पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके अलावा अरुण कुमार मासीवाल, नरेन्द्र कुमार मासीवाल, जगदीश कुमार मासीवाल, योगेश कुमार मासीवाल द्वारा अपनी लगभग 3.5 बीघा भूमि जो कि खाता संख्या 00009 ग्राम उदयपुरी चोपड़ा, तहसील रामनगर मे स्थित है, उसका विक्रय भी बैनामा द्वारा उसे कर दिया, जिसमें उनके द्वारा लगभग 3.5 बीघा जमीन को भी अपने कब्जे मे और पाक साफ बताया गया। उक्त चारों लोगों द्वारा उसे कुल भूमि लगभग 6 बीघा विक्रय की जानी थी, जिसके एवज में उसके द्वारा पूरे सौदे का मूल्य 64 लाख रुपये 16-16 लाख की राशि के तौर पर चारों भाईयों के खातो में जमा करा दिये।
अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि जिस भूमि को लगभग 3.5 बीघा भूमि का बैनामा इन लोगों द्वारा उके पक्ष में किया गया था, उसका कब्जा लेने जब वह मौके पर गया तो उसे ज्ञात हुआ कि यह भूमि विवादित है और पूर्व मे इन लोगों द्वारा उक्त लगभग 3.5 बीघा जमीन का सौदा खुर्शीद पुत्र शौकत से किया हुआ था।
अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि उक्त चारों भाईयों ने उसके साथ लगभग 6 बीघा भूमि का सौदा कर 64 लाख रुपया बैंक खातों में और 16 लाख रुपये नकद लिये थे, यह भूमि श्रेणी 1(ख) गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट के पट्टे और श्रेणी 3 की भूमि है। जिसके संबंध में इनके द्वारा अब यह कहा जा रहा है कि इसका विक्रय करना अभी सम्भव नही है और जब यह भूमि इनके नाम वर्ग 1(क) मे दर्ज हो जाएगी तब वह बैनामा करेंगे। इसके बाद जब उसनेे इस भूमि के सम्बन्ध में जानकारी करी तो उसे पता चला कि उक्त चारों लोगों ने उससे जिस भूमि के एवज में 80 लाख रुपये लिए हैं वह भूमि बेचने का उनकों अधिकार नहीं है। इसके अलावा उक्त लोगो द्वारा जिस 9.5 बीघा भूमि के सम्बन्ध में उससे भारी-भरकम धनराशि वसूली गई है उसमें से लगभग 6 बीघा भूमि उक्त लोगों के चचेरे भाई भास्कर मासीवाल के नाम दर्ज है।
अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि जब उसने उक्त चारों लोगों से भूमि का सौदा निरस्त कर धनराशि वापस किए जाने की माँग की तो इन लोगों द्वारा उससे कहा गया कि जब कभी भविष्य में भूमि उनके नाम दर्ज होगी तभी वह रजिस्ट्री कर पाएंगे और साथ ही इन लोगो द्वारा उसे यह कहा गया कि वह रामनगर बार के पदाधिकारी रहे हैं और वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जब उसने बार-2 इन लोगों से अपनी धनराशि वापस किए जाने या रजिस्ट्री किए जाने की माँग की तो इन लोगों द्वारा उसे धमकाकर भगा दिया जा रहा है और अपनी ऊंची पहुँच का हवाला दिया जा रहा है।
अब्दुल मुस्तफा ने कमिश्नर से उसकी धनराशि वापिस दिलाये जाने की मांग की है। कमिश्नर दीपक रावत के आदेश पर रामनगर पुलिस ने उक्त चारों लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई सुनील सिंह धानिक के हवाले की है।



