काठगोदाम (महानाद) : पुलिस ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष सहित 7 लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के तरिये करोड़ों की जमीन खरीदने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
ग्राम बसन्तपुर, पोस्ट किशनपुर (गौलापार), हल्द्वानी निवासी शिकायतकर्ता रविशंकर जोशी ने आईजी कुमायूं को शिकायती पत्र देकर बताया कि ग्राम देवलातला पजाया (भावर छः खाता) में फसली 1420-25 के खाता सं.-40 की 3.107 हेक्टेयर भूमि के विनियमितिकरण में गंभीर अनियमिता, भ्रष्टाचार व फ्रॉड किया है।
रविशंकर जोशी ने बताया कि 3.107 हैक्टेयर भूमि को बलवंत सिंह पुत्र मोहन सिंह के नाम विनियमित (श्रेणी वर्ग-1 (ख) की भूमि को श्रेणी वर्गर (क) में परिवर्तित करने कि प्रक्रिया में गंभीर अनियमिता/फ्रॉड किया गया है। उक्त भूमि की विनियमितिकरण में राजनैतिक रूप से रसूखदार कुछ भू-माफियाओं एवं तत्कालिन राजस्व अधिकारियों द्वारा बलवत सिंह के साथ मिलकर गंभीर जालसाजी करते हुए कई झूठे शपथ-पत्र दिए गए व कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया।
जोशी ने बताया कि वर्ष 1991 में बलवंत सिंह द्वारा उक्त भूमि के विनियमितिकरण हेतु किये गए आवेदन को तत्कालिन जिलाधिकारी, नैनीताल द्वारा निरस्त करते हुए उक्त भूमि के अवैध कमजेदारों (बलवंत सिंह) के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया गया था। वर्ष 2015-16 में उक्त भूमि की विनियमितिकरण की प्रक्रिया (श्रेणी वर्ग 1 ख से वर्ग 1 क में परिवर्तित होने) के दौरान बलवंत सिंह द्वारा एक झूठा शपथ-पत्र देकर यह दावा किया गया की उक्त भूमि के विनियमितिकरण हेतु जमा की जाने वाली नजराने की धनराशि (निर्धारित सर्किल रेट की 40 प्रतिशत धनराशि) उसके द्वारा दि. 29.12.1989 को जमा कर दी गई थी, परन्तु उनके पास नजराने की धनराशि जमा करने संम्बन्धी कोई भी साक्ष्य प्रमाण/अभिलेख उनके पास नहीं है।
जोशी ने बताया कि उक्त भूमि के विनियमतिकरण से संक्रमणीय अधिकार प्राप्त होते ही बलवन्त सिंह द्वारा दि.10.03.2016 को उक्त सम्पूर्ण 3.107 हेक्टेयर भूमि को एक बाहरी व्यक्ति (बिना पारिवारिक तथ्य बिना रक्त संम्बन्धों वाले) रविकान्त फुलारा, निवासी-कमलवागांजा, गौड़, हल्द्वानी को दान कर दी, जबकि बलवन्त सिंह मेहरा जी के स्वयं के वारिस (दो पुत्र) जीवित थे। दानग्राही रविकान्त फुलारा द्वारा उक्त भूमि के दान नामे के बैनामे में स्टाम्प शुल्क के रूप में उन्नीस लाख रुपए किए गए, जबकि रविकान्त फुलारा की तत्कालिन आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, जो किसी भी प्रकार से स्वयं स्टाम्प शुल्क के रूप में उन्नीस लाख रुपए जमा करने में सक्षम नहीं था।
जोशी ने बताया कि राजस्व अभिलेखों/खतौनी में उक्त भूमि रविकान्त फुलारा के नाम होते ही रविकान्त फुलारा द्वारा उक्त सम्पूर्ण 3.107 हेक्टेयर भूमि को एक ही दिन में (दि 09.05.2016 को) 7 विभिन्न व्यक्तियों (हरेन्द्र सिंह कुंजवाल 0.5180 है., दीपा दरम्बाल 0.253 है., मीनाक्षी अग्रवाल 0.442है., अरविन्द सिंह मेहरा 0.440 है., अजय कुमार गुप्ता 0.443 है., चेतन गुप्ता 0.190 है., अनिता गुप्ता 0.822 है.) को विक्रय कर दी गई। आश्चर्यजनक रूप से दानदाता बलवन्त सिंह मेहरा के स्वयं के पुत्र ने भी रविकान्त फुलारा से भूमि क्रय की है।
जोशी ने बताया कि उक्त भूमि के विक्रय से एक भारी भरकम धनराशि के रूप में कुल 3,25,66,000 प्राप्त होने के बावजूद भी रविकान्त फुलारा का जीवन स्तर निम्न/बेहद साधारण ही रहा। मैं (रविशंकर जोशी) स्पष्ट रूप से आरोप लगाता हूँ कि प्रश्नगत प्रकरण में राजनैतिक रसूखदार भू-माफियाओं (हरेन्द्र कुंजवाल, दीपा दरम्बाल, मीनाक्षी अग्रवाल, अरविन्द सिंह मेहरा, अजय कुमार गुप्ता, चेतन गुप्ता, अनिता गुप्ता) तथा राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों के भ्रष्ट गठजोड़ से जनपद नैनीताल में एक बेशकीमती वर्ग 4/ वर्ग 1 ख की सरकारी भूमि को बलवन्त सिंह मेहरा के नाम सीलिंग सीमा से अधिक भूमि वर्ग 1(क) श्रेणी में दर्ज की गयी है। विनियमतिकरण की उक्त प्रकिया में गम्भीर अनियमितता, भ्रष्टाचार – फ्रॉड करते हुये राजकोष को करोड़ों की धनराशि की हानि पहुंचाई गई तथा उक्त भूमि की खरीद फरोख्त में करोड़ों के काले धन का प्रयोग किया गया है।
जोशी ने कहा कि इस बात की भी प्रबल संभावना है कि उक्त राजनैतिक रसूखदार भू-माफियोंओं द्वारा प्रश्नगत भूमि के दाननामें प्राप्त करने से उसे विक्रय करने के दौरान रविकांत फुलारा को बंधक बनाकर अपने पास रखा गया था तथा डरा धमका कर जबरन अपने पक्ष में उक्त बैनामों को कराने के उपरान्त भूमि के विक्रय से रविकान्त फुलारा को प्राप्त कुल 3,25,66,000 की भारी-भरकम धनराशि भी जबरन अपने पास वापस ले ली गयी थी।
आईजी के आदेश पर काठगोदाम पुलिस ने रविशंकर जोशी की तहरीर के आधार पर चेतन गुप्ता, अनीता गुप्ता, मीनाक्षी अग्रवाल, हरेन्द्र सिंह कुंजवाल, दीपा दरम्वाल, अरविन्द सिंह मेहरा, अजय कुमार गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसआई रविन्द्र सिंहज के हवाले की गई है।



