बाजपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने जन सेवा केंद्र संचालक पर उसका बिजली का बिल जमा कर नकली रसीदें देकर उसके हजारों रुपये ठग लिये। अपने साथ हुई ठगी का उसे तब पता चला जब विद्युत विभाग के कर्मचारी उसके पास आये और बताया कि उसका 8 महीने का बिल बकाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मौहल्ला गांधीनगर, सुल्तानपुर पट्टी, बाजपुर, जिला उधम सिंह नगर निवासी अजीत कुमार पुत्र स्व. पुरुषोत्तम कुमार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह 20.9.2024 को अपना विद्युत बिल जमा करने हेतु रजा फोटो स्टूडियो एण्ड जन सेवा केंद्र , मेन मार्केट, सुल्तानपुर पट्टी, बाजपुर गया और जन सेवा केंद्र के संचालक नामित चन्द्रा को अपना विद्युत बिल एवं 5,190 रुपये जमा करने हेतु दिये। नामित चन्द्रा ने उससे रुपये लेकर उसी दिन दिनांक 20.09.2024 को एक बिल दिया और कहा कि तुम्हारा बिल जमा हो गया है।
अजीत ने बताया कि इसके बाद दिनांक-26.10.2024 को वह फिर से नामित चन्द्रा के जन सेवा केन्द्र पर गया और 3,687 रुपये विद्युत बिल के जमा करने को दिये। जिस पर नामित ने उसे रसीद देकर कहा कि तुम्हारा बिल जमा हो गया। इसी तरह एक बार फिर उसने 8.11.2024 को 8,496 रुपये दिये और नामित ने फिर उसे रसीद देकर कहा कि उसका बिल जमा हो गयो।
अजीत ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारी व अधिकारी उसके घर पर आये और कहा कि तुम्हारा विगत आठ माह का विद्युत बिल जमा नहीं हुआ है। विद्युत बिल जमा करो, नहीं तो तुम्हारा विद्युत कनेक्शन काट दिया जायेगा। तब उसे पता चला कि नामित चन्द्रा विद्युत बिल जमा करने के नाम पर उससे रुपये ठगता रहा और फर्जी रसीदें बनाकर देता रहा।
अजीत ने गबताया कि उसे दिनांक 24.06.2025 को नामित चन्द्रा, अमित चन्द्रा व सुमित चन्द्रा मिले तो उसने उनसे कहा कि नामित चन्द्रा ने फर्जी भुगतान बिल रसीदें देकर रुपये ठग लिये हैं, मेरे रुपये वापस दिलाओ, तब यह लोग उसके साथ गाली-गलौच व धक्का-मुक्की करते हुए कहने लगे कि हम तो ऐसे ही लोगों से रुपये ठगते हैं, अगर तुझसे रुपये लिये जायें तो ले लेना। शोर शराबा सुनकर योगेश व आस-पास के अन्य लोगों के आ जाने से यह लोग धमकी देते हुए चले गये कि हमारे खिलाफ तूने कोई कानूनी कार्यवाही की तो तुझे जान से मार देंगे।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने नामित, अमित व सुमित के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 351(2), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई दीप कौशिक के हवाले की है।



