खटीमा, 13 जनवरी ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच, खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्वतीय विकास भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने उत्तरायणी मेले को सरकारी कैलेंडर में शामिल कर आर्थिक सहायता देने तथा समिति के अनुरोध पर मंच निर्माण की भी घोषणा की।
मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तरायणी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में अपनी पहचान को संजोए रखना आवश्यक है और इस दिशा में उत्तरायणी कौतिक जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
खटीमा को अपना घर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई व पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम, सड़कों का व्यापक नेटवर्क और खटीमा-टनकपुर के बीच प्रस्तावित सैन्य स्मारक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक कमी आई है, सख्त कानूनों के जरिए अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है और समान नागरिक संहिता व नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों से प्रदेश में सुशासन स्थापित हुआ है। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने मातृशक्ति को उत्तराखंड की संस्कृति की सच्ची वाहक बताया।
कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में मेलार्थी उपस्थित रहे।



