बाजपुर (महानाद): एक व्यक्ति ने गदरपुर विधायक अरविंद पाण्डेय व उनके भाई पर उनकी जमीन कब्जाने की कोशिश करने व धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने विधायक पाण्डेय के भाई सहित 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आपको बता दें कि बहादुरगंज, बाजपुर निवासी संजय कुमार बेसल पुत्र देशराज बंसल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी ग्राम मुण्डिया पिस्तौर में जमीन है, जिसमें से कुछ जमीन आपसी रजामन्दी से जय प्रकाश तिवारी पुत्र स्व. चतुरानन्द तिवारी निवासी मजरा बक्श, बाजपुर को काम करने व देखभाल कराने हेतु दी थी।
संजय बंसल ने बताया कि दि. 21.7.2025 को प्रधिकरण द्वारा उन्हें मौके पर बुलाया गया और उक्त भूमि पर नये निर्माण किये जाने को लेकर उन्हें एक कारण बताओ नोटिस दिया गया साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि यहां निर्माण अवैध है, इसे आप स्वयं तुड़वा दो।
संजय बंसल ने बताया कि तभी मौके पर पूर्व से मौजूद देवानन्द पाण्डेय व अमर पाण्डेय पुत्रगण वीरेन्द्र पाण्डेय अन्य साथियोे के साथ उन्हें बेहोश कराने लगे। देवानन्द पाण्डेय उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुये बोला, तू कौन होता है, यह जमीन मेरी है, हम चाहें जैसा निर्माण करें, यहां दोबारा मत दिखना नहीं तो जान से मार दूं,गा विधायक अरविन्द पाण्डेय मेरा भाई है, हमारी सरकार है। यह कहकर देवानन्द पाण्डेय ने कुछ फोटो स्टेट कागज उनकी तरफ फेंककर मारे और कहा कि यह स्टाम्प पढ़ ले, यह जमीन मेरी है और निर्माण तुम नहीं तोड़ सकते।
संजय बंसल ने बताया कि उन्होंने कागज उठाकर देखे तो जयप्रकाश तिवारी पुत्र स्व. चतुरानन्द तिवारी, देवानन्द पाण्डेय व मोहन पाण्डेय, किसान पाण्डेय द्वारा आपस में मिलकर व एक राय होकर एक किरायानामा बनाया गया, जिससे उनकी जमीन को फर्जी तरीके से हड़पने की नीयत से तैयार किया गया। उनके द्वारा समय-समय पर अपनी जमीन लेने के लिए इनसे बात करने कर प्रयास किया गया। अरविन्द पाण्डेय और इनके भाईयों के द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जाता है।
संजय बंसल ने कहा कि वह बीपी के मरीज हैं, अगर उन्हें कोई जान माल की क्षति होती है तो इन सभी लोगों की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। उन्होंने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
संजय बसंल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने जयप्रकाश तिवारी, देवानन्द पाण्डेय, मोहन पाण्डेय, किसान पाण्डेय के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 352(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई कैलाश चन्द्र के हवाले की है।



