रुद्रपुर (महानाद) : पुलिस ने विधायक तिलकराज बेहड़ के पार्षद पुत्र सौरभ बेहड़ पर हमले का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अब सौरभ बेहड़ के विधायक पिता और उन सभी विपक्षियों के मुंह पर ताला लग गया जिन्होंने बिना पुलिस के छानबीन करे सरकार और प्रलिस को गरियाने लग गये थे और बड़े-बड़े आंदोलनों की चेतावनी दे रहे थे। वहीं, विधायक तिलकराज बेहड़ ने प्रेस वार्ता कर इस प्रकरण के लिए सभी से माफी मांगी है।

आपको बता दें कि कोतवाली ट्रांजिट कैम्प पुलिस ने जनपद उधम सिंह नगर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए पार्षद पर हुए हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा के सख्त निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई में अवैध हथियारों के साथ तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड सौरभ बेहड़ के साथी इंदर नारंग को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी मिश्रा ने बताया कि दिनांक 21/22 जनवरी 2026 की रात थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस टीम शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सिडकुल रोड, नई बस्ती मोड़ के पास बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से आ रहे तीन युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। मोटरसाइकिल फिसलने से गिर गई, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर दबोच लिया। तीनों ने अपना नाम 1. वंश कुमार (20 वर्ष), निवासी घासमंडी, रुद्रपुर 2. बादशाह, निवासी घासमंडी, आदर्श कॉलोनी, रुद्रपुर तथा 3. दीपक सिंह (21 वर्ष), निवासी नारायण कॉलोनी, ट्रांजिट कैम्प, रुद्रपुर बताया। तलाशी के दौरान उनके पास से 2 अवैध तमंचे (12 व 315 बोर), एक जिंदा कारतूस व एक नाजायज चाकू बरामद हुए। जिस पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 3/4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। जांच में सामने आया कि हमले की पूरी साजिश विधायक तिलकराज बेहड़ के पार्षद पुत्र सौरभ बेहड़ और इंदर नारंग द्वारा रची गई, पारिवारिक विवाद के चलते सहानुभूति पाने के लिए सौरभ बेहड़ द्वारा खुद पर हमला करवाने की योजना बनाई गई, जिसके बाद उसने इन्दर नारंग को साजिश में शमिल कर उससे हमला कराने का प्लान तैयार करने को कहा।
पूछताछ के दौरान घटना के मास्टरमाइंड इंदर नारंग (29 वर्ष) निवासी आदर्श कॉलोनी, घासमंडी ने बताया किकृदिनांक 18.01.2026 को सौरभ बेहड़ ने उसे अपने घर बुलाया और कहा कि वह अपनी पत्नी से चल रहे विवाद के कारण खुद को पिटवाना चाहता है। इंदर नारंग ने वंश और बादशाह को बुलाकर पूरी योजना समझाई, पहचान छुपाने के लिए चेहरा ढकने और बाइक की नंबर प्लेट हटाने को कहा। घटना के समय इंदर नारंग अपनी वैगनआर कार से हमलावरों के पीछे-पीछे चल रहा था, भीड़ अधिक होने पर स्थान बदलकर शिव शक्ति पीजी गेट के पास हमला कराया गया। घटना के बाद आरोपियों को भगाने में भी उसने भूमिका निभाई ।
हमले के बाद आरोपी सिडकुल-नैनीताल रोड की ओर भागे और मोटरसाइकिल को धरमपुर, थाना पंतनगर में छिपा दिया और तीनों आरोपियों को वैगनआर कार से सुरक्षित उनके इलाके तक छोड़ा दिया। जिस पर मामले में धारा 61(2)/3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि यह मामला पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश का है, जिसमें न केवल हमलावर बल्कि पीड़ित भी शामिल हैं। मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि कानून को गुमराह करने और अवैध हथियारों के सहारे साजिश रचने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
यहां लोगों को यह भी समझना होगा कि किसी घटना के होने के तुरंत बाद अपना रिएक्शन देने के बजाय पुलिस को कार्रवाई करने का समय देना चाहिए। यह घटना तो पीड़ित द्वारा ही खुद पर हमला करवाने की है लेकिन अन्य कई मामलो में पुलिस विरोध प्रदर्शन से निबटने में लग जाती है और अपराधी को दूर भागने का मौका मिल जाता है।



