विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति पर उसे व उसके साथियों को जिन्न के जरिए लाखों रुपये की कमाई करवाने का लालच देकर 62 लाख 79 हजार रुपये तथा अन्य लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। आईटीआई कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
बांसखेड़ा खुर्द, काशीपुर निवासी शकील अहमद पुत्र शब्बीर ने आईटीआई कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अप्रैल 2025 में उसकी मुलाकात सरताज अली उर्फ सैय्यद मियां पुत्र अख्तर निवासी ग्राम धीमरखेड़ा, काशीपुर से हुई थी। सरताज ने उसे बताया कि उसके पास एक जिन्न आता है, जिसका नाम भाईजान है, जिसके जरिए वह लोगों को मुनाफा कमा कर देता है।
शकील ने बताया कि उक्त सरताल अली ने जुलाई 2025 में एक जलसे का आयोजन ग्राम बांसखेड़ा में किया, जिसमें हजारों लोग इकट्ठा हुये, उसमें सरताज अली ने काफी धार्मिक उपदेश दिये और लोगों का विश्वास जीत कर उन्हें अपने वश में कर लिया और कहा कि जो भी 25,500 रुपये उसके पास जमा कराकर उसके साथ जुड़ेगा तो उसे प्रतिमाह 16000 रुपये मिलेंगे और जो लोग 1,11,000 रुपये जमा करके जुड़ेगा तो उसे प्रतिमाह 1 लाख रुपये मिलेंगे।
शकील ने बताया कि सरताज अली ने सभी लोगों को उपदेश दिया कि वह उन लोगों को धार्मिक श्लोक पढ़ने के लिए कहेगा वह उन्हें पढ़ने पड़ेंगे। और इस तरह सरताल अली ने 200-300 लोगों को अपने वश में कर लिया तथा लोगों से लगभग 62,79,000 रुपये ऐंठ लिये तथा इसके अतिरिक्त लोंगों का करोड़ों रुपये ठग लिये हैं।
शकील ने बताया कि धीरे-धीरे सरताल अली और लोगों को भी अपने साथ जोड़ता रहा, जिससे उसका संपर्क बढ़ता गया और हजारों लोग उसके झांसे में आ गये। उक्त सरताल अली ने उससे अपने जानने वाले आरिफ अली पुत्र मौ. युसुफ निवासी ग्राम धीमरखेड़ा, काशीपुर व नाजिम पुत्र रफीक निवासी पीलकपुर गुमानी, ठाकुरद्वारा, जिला मुरादाबाद से मिलवाया और बताया कि यह मेरे साथी हैं। उन सभी लोगी की बातों पर विश्वास कर उसने अपने परिवार वालों का पैसा जुलाई 2005 से जाबिद हुसैन पुत्र छुन्नू ने कुल 9,43,500 रुपये, सिराजुद्दीन पुत्र इस्लामुद्दीन ने कुल 7,95,500 रुपये, यामीन पुत्र अब्दुल अजीज ने कुल 6,88,500 रुपये, यामीन पुत्र नन्हे ने कुल 8,92,500 रुपये, नजीर पुत्र शब्बीर ने कुल 4,8,000 रुपये, नदीम पुत्र जाकिर ने कुल 3,06,000 रुपये, रिजवान पुत्र शौकीन ने कुल 6,12,000 रुपये, शौकीन पुत्र नसीर अहमद ने कुल 7,65,000 रुपये व उससे 8,68,000 रुपये कुल 62,79,000 रुपये इन लोगों को दे दिये।
शकील ने बताया कि उक्त लोगों ने इसकी कोई रसीद नहीं दी और कहा कि हमारा सारा लेन देन विश्वास पर चलता है। जब वे उनके पास गये तो उन्होंने यह बताया कि हमारी एक समीति भी है, जिसका नाम सैय्यद ताजुल कादरी है और समिति का ऑफिस धीमरखेड़ा में है। जब वे लोग उनके ऑफिस पर गये तो वहां ऑफिस बन्द मिला। इन लोगों से सम्पर्क किया तो यह लोग सम्पर्क नहीं कर रहे थे। जब उन्होंने समिति और इनकी जानकारी प्राप्त की तो उन्हें पता चला कि यह उपरोक्त लोग संगठित सिडिकेट बनाकर फर्जी समीति बनाकर लोगों से पैसा ठगते हैं और फिर वहां से भाग जाते है। इन लोगों द्वारा ऐसा ही अपराध ग्राम सैफिनी, जिला रामपुर, उ.प्र. में भी किया गया है। उपरोक्त लोगों ने उनके पैसों से घर, गाड़ी, जमीन आदि खरीद ली है तथा उन के ही पैसों से ऐश कर रहे हैं।
शकील ने बताया कि दिनांक 12.02.2026 को वे सभी लोग सरताज के घर गये, वहां पर सरताज, आरिफ, नाजिम आदि मिले। उन लोगों ने उनके द्वारा पैसे मांगे जाने पर दो चैक उन्हें दे दिये तथा और जोर डालने पर इन लोगों ने मां-बहन की गन्दी-गन्दी गाली गलौच करते हुए धमकी दी कि अगर पैसा मागोंगे तो जान से मरवा देंगे या किसी झूठे केस में फंसवा देगंे।
शकील ने कहा कि वे सभी लोग उनकी धमकी से डर गये, वे सभी लोग सीधे साधे किसान व मध्यमवर्गीय परिवार के लोग हैं। उन लोगों ने धोखे से उनके जीवन की सारी पूँजी हड़प ली है, अब यह लोग यहां से भागकर विदेश जाने की फिराक में हैं, अगर यह लोग यहां से भाग गये तो वे सभी लोग सड़क पर आ जायेंगे। यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो मजबूरन उन्हें आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ेगा। उसने उपरोक्त सिडिकेट के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करते हुए उनकी धनराशि वापस दिलवाये जाने की मांग की है।
शकील की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सरताज अली, आरिफ अली व नाजिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 351(2), 353 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई मनोज सिंह धोनी के हवाले की है।



